डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई (फाइल)
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संघीय अदालत के फैसले की आलोचना की। दरअसल, अदालत ने एच-1बी वीजा के लिए एक लाख डॉलर के शुल्क की शर्त को रद्द कर दिया था। ट्रंप ने कहा कि ऐसे फैसले देश को बहुत नुकसान पहुंचा रहे हैं।
कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने क्या कहा?
उन्होंने न्यूयॉर्क में मैडिसन स्क्वायर गार्डन में बास्केट बॉल फाइनल मैच देखने के बाद पत्रकारों से कहा, ये जज हमें वास्तव में हमें बहुत मुश्किल समय दे रहे हैं, सच में पागलपन है। ये हमें बहुत, बहुत मुश्किल समय दे रहे हैं। ये हमारे देश को बहुत बुरी तरह नुकसान पहुंचा रहे हैं।
जज ने क्या कहा?
मैसाचुसेट्स की एक संघीय अदालत ने ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीजा के लिए लगाई एक लाख डॉलर के शुल्क को गैरकानूनी बताया था। यह वीजा मुख्य रूप से उच्च कौशल वाले विदेशी कर्मचारियों के लिए होता है। इस फैसले को 20 अमेरिकी राज्यों ने चुनौती दी थी। संघीय जज लियो सोरोकिन ने फैसला दिया कि ट्रंप द्वारा एच-1बी आवेदनों पर लगाया गया एक लाख डॉलर का शुल्क गैरकानूनी है, क्योंकि इसे संसद (कांग्रेस) की मंजूरी नहीं मिली थी।
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पिछले साल सितंबर में लागू किया गया था शुल्क
ट्रंप ने पिछले साल सितंबर में नए एच-1बी वीजा आवेदनों पर यह शुल्क लगाने का आदेश दिया था।
अपील दायर करेगा ट्रंप प्रशासन?
वहीं, व्हाइट हाउस ने संकेत दिया कि इस फैसले के खिलाफ अपील की जाएगी। प्रवक्ता टेलर रोजर्स ने कहा कि एच-1बी कार्यक्रम का दशकों से दुरुपयोग होता रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे ठीक करने के लिए कदम उठाया था। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन के एक संघीय जज पहले भी लगभग इसी तरह के आदेश को सही ठहरा चुके हैं और प्रशासन को भरोसा है कि अपील में यह नया फैसला पलट दिया जाएगा।