वैश्विक स्तर पर कोरोना वायरस संकट के बीच हंगरी की संसद ने प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन को अनिश्चित काल के लिए सत्ता में बने रहने का अधिकार दे दिया है। संसद में कोविड-19 को लेकर एक बिल पारित किया गया, जिसके तहत प्रधानमंत्री विक्टर को अनिश्चित काल के लिए सत्ता में बने रहने का अधिकार मिला है। इसके साथ ही यहां चुनाव और जनमत संग्रह भी अनिश्चित समय के लिए रोक दिए गए हैं।
इस बिल में प्रावधान है कि देश में कोई चुनाव नहीं होगा और बिल में यह भी नहीं बताया गया है कि ये स्थिति कब खत्म होगी। ओर्बन के शासनकाल में पहले भी हंगरी में आपातकाल लगाया जा चुका है। 2015 में यूरोप के शरणार्थी संकट के समय यहां आपातकाल लगाया गया था।
यूरोपियन यूनियन ने की निंदा
वहीं, यूरोपियन यूनियन ने बिना हंगरी का नाम लिए उसकी निंदा की है। ईयू ने कहा कि लोकतंत्र, आजादी और कानून का राज ईयू की नींव है। हमारे सारे सदस्य कड़ी परिस्थितियों में भी इन्हें अपनाए रखें। बता दें कि हंगरी ईयू से 2004 में जुड़ा था। ईयू के सदस्य होने की एक शर्त होती है कि वहां पर लोकतंत्र होना जरूरी होता है।