हंगरी के विदेश मंत्री पीटर सिजार्तो
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हंगरी के विदेश मंत्री पीटर सिजार्तो ने शनिवार को यूरोपीय संघ पर रूस से तेल आपूर्ति बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रूस से यूक्रेन के रास्ते तेल आपूर्ति विवाद में यूरोपीय आयोग द्वारा मध्यस्थता नहीं करने के फैसले से पता चलता है कि इसके पीछे ब्रुसेल्स था। सिजार्तो ने यह दावा, यूरोपीय संघ द्वारा प्रतिबंधों पर मध्यस्थता करने के हंगरी और स्लोवाकिया के अनुरोध को अस्वीकार करने के एक दिन बाद आया है। वहीं, यूरोपीय आयोग के प्रवक्ता ने सिजार्तो के बयान पर टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया।
बता दें कि यूक्रेन ने रूसी तेल उत्पादक लुकोइल को जून में प्रतिबंध सूची में डाल दिया था, जिसके बाद से हंगरी और पड़ोसी स्लोवाकिया विरोध कर रहे हैं। यूक्रेन ने लुकोइल कंपनी के तेल को यूक्रेनी क्षेत्र से स्लोवाकिया और हंगरी की रिफाइनरियों तक जाने से रोक दिया है।
हंगरी के विदेश मंत्री सिजार्तो ने कहा, 'यूरोपीय संघ ने घोषणा की है कि हंगरी और स्लोवाकिया की ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित करने में वह मदद नहीं करेगा, यह बताया है कि हंगरी और स्लोवाकिया की ऊर्जा आपूर्ति में चुनौतियां और समस्याएं पैदा करने के लिए ब्रुसेल्स से कीव को आदेश भेजा गया था।'
इससे पहले, यूरोपीय आयोग के प्रवक्त ने शुक्रवार को कहा कि इस बात के कोई संकेत नहीं हैं कि यूक्रेन के प्रतिबंधों ने यूरोपीय ऊर्जा आपूर्ति को खतरे में डाल दिया है, क्योंकि रूसी तेल अलग द्रुजबा पाइपलाइन के माध्यम से बहता रहा है, जो रूस को यूक्रेन के माध्यम से स्लोवाकिया और हंगरी से भी जोड़ता है। पाइपलाइन की दक्षिणी शाखा यूक्रेन से होते हुए चेक गणराज्य, स्लोवाकिया और हंगरी तक जाती है। वर्षों से उनकी रिफाइनरियों के प्राथमिक आपूर्ति स्रोत के रूप में काम कर रही है।