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युद्ध से ईरान में मानवीय संकट गहराया: 32 लाख लोग विस्थापित, अमेरिकी-इस्राइली हमलों में कई अस्पताल क्षतिग्रस्त

Fri, 13 Mar 2026 05:10 AM IST
Himanshu Singh Chandel अमर उजाला नेटवर्क

सार

अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बीच ईरान में मानवीय संकट गहराता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के अनुसार अब तक करीब 32 लाख लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित इलाकों की ओर जा चुके हैं। कई शहरों में भारी तबाही हुई है और 30 से ज्यादा अस्पताल क्षतिग्रस्त हुए हैं।
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ईरान संकट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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अमेरिका और इस्राइल के लगातार हवाई हमलों के बीच ईरान में मानवीय संकट तेजी से गहराता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) के अनुसार युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक करीब 32 लाख लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या तेहरान और अन्य बड़े शहरों से सुरक्षित इलाकों की ओर पलायन कर रही है। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि यदि हमले जारी रहे तो विस्थापन का यह आंकड़ा और तेजी से बढ़ सकता है।
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संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) ने गुरुवार को कहा कि 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद से अब तक लगभग 32 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं। एजेंसी के अनुसार यह संख्या करीब 6 लाख से 10 लाख ईरानी परिवारों के बराबर है। यूएनएचसीआर की अधिकारी अयाकी इतो ने कहा कि अधिकांश लोग तेहरान और अन्य बड़े शहरी इलाकों से निकलकर देश के उत्तरी हिस्सों और ग्रामीण क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं, जहां वे अपेक्षाकृत सुरक्षित माहौल की तलाश कर रहे हैं।

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और बढ़ सकता है आंकड़ा
इतो ने कहा कि अगर युद्ध जारी रहता है तो विस्थापन का आंकड़ा और बढ़ सकता है, जिससे मानवीय जरूरतों में चिंताजनक वृद्धि होगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्धविराम और तनाव कम करने की अपीलों के बावजूद अमेरिका और इस्राइल की सेनाएं ईरान में हमले जारी रखे हुए हैं।

बृहस्पतिवार को राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। पूर्वी तेहरान के एक प्रभावित इलाके में कई बहुमंजिला इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। अल जजीरा के संवाददाता तोहिद असदी ने बताया कि बचावकर्मी मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए लगातार राहत कार्य चला रहे हैं। उन्होंने कहा, हमने मलबे से कई शव निकलते देखे।

nजवाबी हमले और वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका
ईरान ने भी अमेरिका-इस्राइल हमलों के जवाब में मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और अन्य लक्ष्यों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए हैं।इसके साथ ही ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है। इस जलमार्ग से दुनिया के कुल तेल परिवहन का लगभग एक-पांचवां हिस्सा गुजरता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मार्ग लंबे समय तक बंद रहता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति और ऊर्जा बाजार पर गंभीर असर पड़ सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक और रणनीतिक तनाव और बढ़ने की आशंका है।
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अस्पतालों और स्वास्थ्य व्यवस्था पर बढ़ता दबाव
ईरान के उप स्वास्थ्य मंत्री अली जाफरियान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हाल के दिनों में शहरी इलाकों पर हमलों के तेज होने के कारण घायलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।उन्होंने कहा कि घायल होने वालों में अधिकांश आम नागरिक हैं। जाफरियान के मुताबिक हमलों में 30 से अधिक अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे चिकित्सा सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।

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