फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीओके में मानवाधिकार संकट?: चार दिनों में 50 से ज्यादा लोगों की मौतें, पाकिस्तानी सेना के खिलाफ हुए लोग

Sat, 01 Aug 2026 03:08 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी आईएएनएस, इस्लामाबाद।

सार

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में विरोध प्रदर्शनों के बीच हिंसा तेज हो गई है। संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी के अनुसार, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 50 से अधिक लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए। मानवाधिकार संगठनों ने इसकी निंदा की है।
विज्ञापन
पीओके में प्रदर्शन जारी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में अशांति लगातार बढ़ रही है। पिछले चार दिनों में पाकिस्तानी सेना की कब्जे वाले क्षेत्र में की गई क्रूर कार्रवाई में 50 से अधिक लोग मारे गए हैं। वहीं, सैकड़ों घायल हुए हैं।

उमर नजीर कश्मीरी ने क्या कहा? 

विज्ञापन

शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के सदस्य सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने कहा, ‘पिछले चार दिनों में, सुरक्षा बलों ने क्रूर आतंकवाद के जरिए हमारे 50 से अधिक लोगों को मार डाला है, और सैकड़ों घायल हैं..’

एक अलग पोस्ट में, जेएएसी ने कहा कि पीओके के मुजफ्फरबाद क्षेत्र में देर रात तक विरोध प्रदर्शन जारी रहे। लोग सड़कों पर डटे रहे और अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा और स्थानीय अधिकारियों द्वारा की गई प्रतिबद्धताओं के कार्यान्वयन की मांग करते रहे।

एचआरएफ ने हमले की निंदी की
इस बीच, अमेरिका स्थित मानवाधिकार संस्था ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन (एचआरएफ) ने शनिवार को पीओके में निहत्थे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तानी सेना द्वारा कथित तौर पर बल प्रयोग की कड़ी निंदा की, जिसमें क्षेत्र में 50 से अधिक लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए।

एचआरएफ ने क्या कहा?

विज्ञापन

संगठन ने पाकिस्तानी अधिकारियों से हिंसक कार्रवाई समाप्त करने, मोबाइल संचार बहाल करने और बल के सभी गैरकानूनी उपयोग के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने का आह्वान किया। स्थानीय नागरिक समाज समूह का हवाला देते हुए एचआरएफ ने कहा कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने पीओके में प्रदर्शनों के दौरान हजारों शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं।

इसमें कहा गया है, 'विरोध प्रदर्शन के आयोजकों ने दावा किया कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने सबूतों को छिपाने की कोशिश की है। पाकिस्तान ने अस्पतालों से शवों को हटा दिया और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।'

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों के साथ बैठक हुई
इसके अलावा, यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) के अध्यक्ष सरदार शौकत अली कश्मीरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में कई बैठकें कीं, ताकि संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों को पीओके में पाकिस्तानी सेना द्वारा की गई क्रूरताओं के बारे में जानकारी दी जा सके।

बैठक में क्या हुआ? 
इन बैठकों के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पीओके में बिगड़ती मानवाधिकार स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। इसने संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय समुदाय, सरकारों, मानवाधिकार संगठनों और लोकतांत्रिक संस्थानों से क्षेत्र में और अधिक जानमाल के नुकसान को रोकने और मौलिक मानवाधिकारों की रक्षा के लिए त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने का आग्रह किया।

शुक्रवार (31 जुलाई) को पुलिस ने लाहौर प्रेस क्लब के बाहर एक रैली के दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। यहां प्रदर्शनकारी हिंसा की निंदा करने और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कार्यकर्ताओं के साथ एकजुटता दिखाने के लिए इकट्ठा हुए थे।

प्रदर्शनकारियों के हाथों में प्लेकार्ड और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के झंडे थे और वे नारे लगा रहे थे। जैसे ही उन्होंने रैली शुरू की, पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए कार्रवाई की और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। जब प्रदर्शन खत्म हुआ, तो अधिकारियों ने हिरासत में लिए गए लोगों को पुलिस की जेल वैन में पहुंचाया।

विज्ञापन



 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें