अंतरिक्ष से भी कहीं दूर दूसरे ग्रहों पर इंसानी जीवन को लेकर बेहद उत्साही लोगों में से एक एलन मस्क ने ये कहकर चौंका दिया था कि वे मंगल ग्रह पर इंसानी बस्ती बसाने की तैयारी कर रहे हैं। इस बयान के बाद मंगल ग्रह पर इंसानी जीवन को लेकर चर्चा ने जोर पकड़ लिया था।
बनाए जाएंगे विशेष आवास
मस्क ने पहली बार इस बारे में जानकारी दी है कि मंगल ग्रह पर इंसानी बस्ती कैसी होगी। ट्विटर पर मस्क ने बताया कि शुरुआत में लोग कांच के गुंबदों में रहेंगे। आखिर में धीरे-धीरे मंगल को पृथ्वी की तरह बदल दिया जाएगा। एलन मस्क ने ये जानकारी एक ट्विटर यूजर के सवाल के जवाब में दी है।
एस्ट्रोनोमियम नाम के एक ट्विटर यूजर ने मस्क से पूछा था कि जब लोग पहली बार मंगल पर पहुंचेंगे तो क्या ग्रह को पहले ही पृथ्वी की तरह तैयार कर लिया गया रहेगा या फिर लाल ग्रह पर जिंदा रहने के लिए स्पेस एक्स ने कोई दूसरा तरीका तैयार करेगा। इस सवाल के जवाब में ही मस्क ने कांच के घरों में लोगों को रखने की जानकारी दी है।
दरअसल अभी मंगल का तापमान अधिकतम माइनस 48 डिग्री रहता है। साथ ही मंगल पर सूर्य से आने वाली खतरनाक किरणों को रोकने के लिए कोई रक्षाकवच नहीं है। ऐसे वातावरण में इंसानी जीवन संभव नहीं है।
मस्क की योजना 2050 तक मंगल पर पहली बस्ती बसाने की है। एलन मस्क ने बताया था कि वह तापमान बढ़ाने के लिए मंगल के एक हिस्से पर भारी ताकत के कई परमाणु विस्फोट करेंगे। विस्फोट से कार्बन डाई ऑक्साइड गैस निकलेगी जिसके चलते मंगल के तापमान में बढ़ोतरी होगी। ऐसा होने से ग्रीन हाउस गैसों को प्रभाव बढ़ेगा और धीरे-धीरे इंसानों के रहने लायक एक कृत्रिम वातावरण तैयार होगा।
हालांकि ये करना इतना आसान भी नहीं होगा। वैज्ञानिकों के मुताबिक मंगल के तापमान में परिवर्तन के लिए वहां पर 10 हजार परमाणु बम गिराने होंगे जिन्हें वहां तक पहुंचाने के लिए आधुनिकतम मिसाइलों की जरूरत होगी। परमाणु बम के बाद वहां विकिरण का खतरा भी बना रहेगा।