सिंधी कार्यकर्ता जफर ने पाकिस्तान में होने वाले मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर बात की। उन्होंने कहा, 'ह्यूस्टन में सिंधी लोग एक संदेश के साथ आए हैं। सुबह जब मोदी जी यहां से गुजरे तो हम यहां अपना संदेश लेकर पहुंचे थे कि हमें आजादी चाहिए। हमें उम्मीद है कि मोदी जी और राष्ट्रपति ट्रंप हमारी मदद करेंगे।'
कश्मीरी पंडितों के समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले सुरिंदर कौल ने कहा, 'प्रधानमंत्री ने हमसे कहा कि आपने बहुत कुछ सहा है और हम साथ मिलकर नया कश्मीर बनाएंगे। हमारे युवाओं ने उन्हें वह संदेश दिए जो समुदाय ने उनके लिए तैयार किए हैं। उन्होंने इसे सहर्ष स्वीकार कर लिया।'
प्रधानमंत्री मोदी ने फूल उठाकर विदेशी जमीन पर स्वच्छता अभियान का संदेश देकर नीचे गिरे हुए फूल को खुद उठाकर फेंका।
अमेरिका में पीएम मोदी ने बोहरा समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ह्यूस्टन में बसे सिख समुदाय के लोगों के साथ भी मुलाकात की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बैठक के दौरान टेक्सास के ड्रिफ्टवुड में टेलूरियन और पेट्रोनेट कंपनी ने एकसाथ मिलकर इक्विटी निवेश के माध्यम से तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) के 50 लाख टन (5 मिलियन टन) तक उत्पादन को लेकर समझौता प्रस्ताव (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। टेल्यूरियन और पेट्रोनेट ने 31 मार्च 2020 तक इस समझौते को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा है।
रविवार को ह्यूस्टन में वह ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में शिरकत करेंगे, जिसे पोप के बाद किसी विदेशी नेता का अमेरिका में सबसे बड़ा कार्यक्रम बताया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी पीएम मोदी के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। यह पहली बार होगा जब कोई अमेरिकी राष्ट्रपति भारतीय-अमेरिकी समुदाय के कार्यक्रम में भारतीय प्रधानमंत्री के साथ हिस्सेदारी करेगा। एनआरजी फुटबॉल स्टेडियम में होने वाले इस कार्यक्रम में करीब 50 हजार भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों के पहुंचने की संभावना है।
ह्यूस्टन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात से पहले ही बलोच, सिंधी और पश्तो लोगों के प्रतिनिधि समूह एनआरजी स्टेडियम के बाहर प्रदर्शन के लिए एकत्र हो गए हैं। दरअसल इसके पीछे उनका लक्ष्य दोनों ही नेताओं का ध्यान खींचकर उन्हें पाकिस्तान से आजादी दिलाने में मदद की गुहार लगाना है।
इन समूहों में बालोची अमेरिकी,सिंधी अमेरिकी और पश्तो अमेरिकी समुदायों के सदस्य शामिल हैं। ये सभी शनिवार को अमेरिका के विभिन्न हिस्सों से यहां पहुंचे हैं। ताकि अपनी तरह से इस पहले प्रदर्शन में हिस्सा ले सकें। जिसमें वे अपनी मांग उठाएंगे। बता दें कि इन समूहों के सदस्यों ने शनिवार को आरोप लगाया था कि पाकिस्तान और एजेंसियां इन समुदायों के खिलाफ मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन कर रहा है।
ह्यूस्टन से पीएम नरेंद्र मोदी न्यूयॉर्क के लिए उड़ान भरेंगे, जहां वे 27 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक सत्र को संबोधित करेंगे। इससे पहले पीएम मोदी मंगलवार को न्यूयॉर्क में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ द्विपक्षीय बैठक में भाग लेंगे। यह इन दोनों नेताओं के बीच हालिया महीनों में चौथी मुलाकात होगी। इस बैठक में दोनों देशों के अगले कुछ सालों के संबंधों का खाका खींचे जाने की संभावना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तय कार्यक्रम में अनुसार ह्यूस्टन में तेल एवं ऊर्जा उद्योग क्षेत्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ राउंड टेबल मीटिंग शुरू कर दी है। बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को जर्मनी के फ्रैंकफर्ट शहर में दो घंटे रुकने के बाद अमेरिका के ह्यूस्टन शहर पहुंच गए। ह्यूस्टन के जार्ज बुश इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भारतीय समुदाय के लोगों की जबरदस्त भीड़ ने पीएम मोदी का जोरदार स्वागत हुआ था।
रविवार को ह्यूस्टन में वह ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में शिरकत करेंगे, जिसे पोप के बाद किसी विदेशी नेता का अमेरिका में सबसे बड़ा कार्यक्रम बताया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी पीएम मोदी के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। यह पहली बार होगा जब कोई अमेरिकी राष्ट्रपति भारतीय-अमेरिकी समुदाय के कार्यक्रम में भारतीय प्रधानमंत्री के साथ हिस्सेदारी करेगा।
एनआरजी फुटबॉल स्टेडियम में होने वाले इस कार्यक्रम में करीब 50 हजार भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों के पहुंचने की संभावना है। यहां पहुंच कर पीएम मोदी ने टृवीट कर कहा कि 'हैलो ह्यूस्टन'।
पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में कहा कि अगले दो दिन आज और कल कई कार्यक्रमों के लिए यह गतिशील और ऊर्जावान शहर तैयार है। भारतीय समय के अनुसार सुबह 4 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई कंपनियों के सीईओ से भी मिलेंगे। बता दें कि ह्यूस्टन में भारतीय समयानुसार सुबह 4.30 बजे से कार्यक्रम शुरू हो जाएगा हाउडी मोदी को लेकर लोगों में काफी उत्साह है।
पुलवामा आतंकी हमला हो या कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने का मुद्दा अथवा पाक के जैश सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराना, भारत के रुख को पूरी दुनिया में जबरदस्त समर्थन मिला है।
अमेरिका ने ऐसे मामलों में भारत को खुला साथ देकर पाकिस्तान को हर मोर्चे पर शिकस्त दी है। जिस तरह से ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंच साझा करने की उत्सुकता दिखाई है, उससे दुनिया में भारत का नाम शिखर पर आया है। ऐसे में यदि ट्रंप इस मंच से कुछ बड़ा ऐलान करते हैं तो यह भी भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत होगा।