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पहली बार 'साझा प्रतीक चिन्ह' वाले मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति ने दिया भाषण

Mon, 23 Sep 2019 01:44 PM IST
Priyesh Mishra वर्ल्ड डेस्क, ह्यूस्टन
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हाउडी मोदी में बोलते राष्ट्रपति ट्रंप - फोटो : PTI
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अमेरिका के ह्यूस्टन में आयोजित हाउडी मोदी के दौरान पहली बार किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने 'साझा प्रतीक चिन्ह' वाले मंच से भाषण दिया। इससे पहले राष्ट्रपति के मंच पर अमेरिकी सील लगी होती थी लेकिन इस बार उसकी जगह भारत और अमेरिका के राष्ट्रध्वज ने ले ली थी।

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कोई भी व्याख्यान हो जहां अमेरिकी राष्ट्रपति को बोलना होता है चाहें वह एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस हो या चुनावी भाषण, वह अमेरिका में हो या विदेश में, वहां मंच पर राष्ट्रपति का प्रतीक अमेरिकी सील जरूर लगी होती है।



कई लोगों के लिए सुखद आश्चर्य की बात है कि राष्ट्रपति ट्रंप के व्याख्यान में मंच पर एक गोलाकार प्रतीक में अमेरिका और भारत दोनों के राष्ट्रीय झंडे लगे थे। इसे भारत अमेरिका दोस्ती झंडा कहा जा रहा है।
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बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को एनआरजी स्टेडियम में 50 हजार से अधिक भारतीय-अमेरिकियों के साथ हाउडी मोदी कार्यक्रम को संबोधित किया। यह आयोजन प्रधानमंत्री मोदी के लिए टेक्सास में रह रहे भारतीय-अमेरिकियों द्वारा आयोजित किया गया था।



यह पहली बार था कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के नेताओं ने अमेरिका में एक संयुक्त मेगा रैली को संबोधित किया। ट्रंप ने अपने भाषण में इस्लामिक आतंकवाद का जिक्र करते हुए कड़ा प्रहार किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि भारत और अमेरिका, दोनों देश मानते हैं कि अपने समुदाय को सुरक्षित रखने के लिए हमें अपनी सीमाओं की सुरक्षा करनी होगी। उन्होंने कहा कि मेरे प्रशासन ने अब तक इसी पर काम किया है। जो हमारे देश के लिए खतरा हैं, उन्हें अमेरिका में प्रवेश न मिले, यह सुनिश्चित किया जा रहा है। सीमा की सुरक्षा भारत के लिए भी इतनी ही महत्वपूर्ण है। 

उन्होंने भाषण में यह भी कहा कि हम अभूतपूर्व कदम उठा रहे हैं और दक्षिण से अवैध अप्रवासियों को रोकने की व्यवस्था कर रहे हैं। हम उन वैध प्रवासियों के आभारी हैं, जो कड़ी मेहनत करते हैं और टैक्स देते हैं। हम अवैध रूप से आने वालों को मुफ्त सुविधाएं नहीं देना चाहते। मैं कभी नहीं चाहूंगा कि कोई नेता अवैध प्रवासियों को वैध प्रवासियों के हक की सुविधाएं लेने दे।
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इसके साथ ही अपने भाषण के अंत में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि आखिर में यह कहना चाहूंगा कि अमेरिका हमेशा से देशभक्तों और जोखिम उठाने वालों का देश रहा है। हर दिन अमेरिका में बसे भारतीय नई कहानी लिख रहे हैं। अमेरिका और भारत का नया भविष्य बना रहे हैं। इस दृष्टिकोण के लिए हम भारत से अपने रिश्ते मजबूत कर रहे हैं। हम दोनों मिलकर रिश्तों को आगे बढ़ाएंगे

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