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'दुश्मन हर घंटे करीब आ रहा था': ईरान से अमेरिकी पायलट का रेस्क्यू कैसे हुआ? डोनाल्ड ट्रंप ने बताई पूरी कहानी

Sun, 05 Apr 2026 12:31 PM IST
Shivam Garg वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खतरनाक पहाड़ों से एक वरिष्ठ अमेरिकी कर्नल के सफल बचाव की घोषणा की है। यह साहसिक सैन्य अभियान अमेरिकी सेना की क्षमता और 'किसी भी सैनिक को पीछे न छोड़ने' की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान से अमेरिकी पायलट को बचाने वाले साहसिक ऑपरेशन की पुष्टि की। ट्रंप ने लिखा हमने उसे बचा लिया! मेरे साथी अमेरिकियों, पिछले कुछ घंटों में अमेरिकी सेना ने इतिहास के सबसे साहसी खोज और बचाव अभियानों में से एक अंजाम दिया। हमारे बहादुर क्रू मेंबर, जिन्हें आप सभी जानते हैं, अब पूरी तरह सुरक्षित हैं।

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ईरान के खतरनाक पहाड़ों में फंसा था पायलट
राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि यह बहादुर सैन्य अधिकारी ईरान के खतरनाक पहाड़ों में फंसा हुआ था और दुश्मन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। हालांकि, वह अकेला नहीं था क्योंकि उसके कमांडर-इन-चीफ, रक्षा मंत्री, संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष और साथी योद्धा चौबीसों घंटे उसके ठिकाने पर नजर रखे हुए थे और उसके बचाव की योजना बना रहे थे।

अत्याधुनिक हथियारों से लैस दर्जनों विमानों का इस्तेमाल
राष्ट्रपति के निर्देश पर, अमेरिकी सेना ने इस अधिकारी को वापस लाने के लिए दुनिया के सबसे घातक हथियारों से लैस दर्जनों विमानों को भेजा। अधिकारी को कुछ चोटें आईं हैं, लेकिन वह जल्द ही पूरी तरह ठीक हो जाएंगे।
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एक दिन पहले एक अन्य पायलट का भी सफल बचाव
यह उल्लेखनीय बचाव अभियान एक ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले ही एक अन्य बहादुर अमेरिकी पायलट को भी सफलतापूर्वक बचाया गया था। राष्ट्रपति ने बताया कि इस दूसरे बचाव अभियान की पुष्टि इसलिए नहीं की गई थी ताकि दूसरे अभियान में कोई खतरा न हो। यह पहली बार है जब सैन्य इतिहास में दो अमेरिकी पायलटों को अलग-अलग, दुश्मन के इलाके में गहराई से बचाया गया है।

'हम किसी भी अमेरिकी सैनिक को पीछे नहीं छोड़ेंगे'
राष्ट्रपति ट्रंप ने दृढ़ता से कहा "हम किसी भी अमेरिकी सैनिक को पीछे नहीं छोड़ेंगे!" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिना किसी एक भी अमेरिकी सैनिक के मारे जाने या घायल होने के, इन दोनों बचाव अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम देना इस बात का प्रमाण है कि हमने ईरानी आसमान पर पूर्ण हवाई प्रभुत्व और श्रेष्ठता हासिल कर ली है।

ट्रंप ने कहा कि यह क्षण ऐसा है जिस पर सभी अमेरिकियों, चाहे वे रिपब्लिकन हों, डेमोक्रेट हों या कोई भी हों, को गर्व होना चाहिए और एकजुट होना चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका के पास वास्तव में इतिहास की सबसे बेहतरीन, सबसे पेशेवर और सबसे घातक सेना है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका, अपने सैनिकों को आशीर्वाद दिया और सभी को ईस्टर की शुभकामनाएं दीं।
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