अमेरिकी राष्ट्रपतियों की सुरक्षा का जिम्मा सीक्रेट सर्विस एजेंट्स के हाथों में होता है। विदेशी दौरे पर भी सुरक्षा का जिम्मा यही संभालते हैं। ये दस्ता है जो अमेरिकन राष्ट्रपति को अभेद सुरक्षा प्रदान करता है। राष्ट्रपति विलिमय मैककिनले की हत्या के बाद 1901 से सीक्रेट सर्विस सक्रिय है। इस घटना के बाद सीक्रेट सर्विस को अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा का जिम्मा दे दिया गया था। 1906 में संसद ने इस संबंध में बिल भी पास किया। समय के साथ साथ इसके कार्य में विस्तार भी होता गया।
सीक्रेट सर्विस क्या-क्या काम करती है और इसके एजेंट्स कैसे करते हैं ये अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा, क्या इनका तरीका होता है, क्या इसकी खासियतें हैं, जानते हैं।
सीक्रेट सर्विस का सुरक्षा मिशन
- 302 विदेशी मेहमानों की अमेरिकी दौर के दौरान सुरक्षा की।
- सुरक्षा की जानकारियों के साथ 45 देशों की यात्रा की।
- व्हाइट हाउस में 25 लाख मेल की जांच की।
- सुरक्षित अमेरिका की परिकल्पना के तरह सीक्रेट सर्विस कानूनी अधिकारियों, स्कूल सेफ्टी पार्टनर्स और विभिन्न समुदाय के साथ तालमेल बनाते हुए सार्वजनिक स्थलों पर किसी तरह की हिंसा से सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
- होमलैंड सिक्योरिटी के सेक्रेटरी द्वारा कोई समारोह आयोजित किए जाने पर इसी सुरक्षा का जिम्मा सीक्रेट सर्विस को ही मिलता है।
- चुने गए देश के सर्वोच्च नेताओं के आवास और कार्यालय की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। वाशिंगटन डीसी में विदेशी राजनयिक मिशन पर भी तैनात किए जाते हैं।
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इन मौकों पर होती है इनकी तैनाती
- राष्ट्रपति की शिरकत से जुड़े समारोह
- राष्ट्र के नाम जब संदेश दिया जा रहा हो
- संयुक्त राष्ट्र आम सभा का आयोजन
- डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन
- रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन
अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा करने के लिए हुई स्थापना
अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा करने के लिए सीक्रेट सर्विस एजेंसी की स्थापना की गई। इसके अलावा सीक्रेट सर्विस व्हाइट हाउस, अमेरिकी उच्च सुरक्षा अधिकारियों और अमेरिका आने वाले हाई प्रोफाइल नेताओं की भी सुरक्षा करती है। सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स अमेरिकी राष्ट्रपति से जुड़े खतरों और धमकियों का पहले ही आकलन कर लेते हैं। घर में रहने के दौरान ये सीक्रेट एजेंट्स रेस्टरूम से लेकर मॉर्निंग वॉक तक, हर स्तर पर सुरक्षा देते हैं।
जब अमेरिकी राष्ट्रपति विदेशी दौरे पर होते हैं तो कुछ दिन पहले ही सीक्रेट एजेंट्स लोकेशन की जांच के लिए पहुंच जाते हैं। यात्रा के दौरान राष्ट्रपति से मिलने वाले लोगों के बैकग्राउंड का पहले ही पता लगा लिया जाता है। साल 2017 के आंकड़ों के मुताबिक सीक्रेट सर्विस एजेंट्स के ऑपरेशन्स पर 75 करोड़ डॉलर का खर्च आया था।
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सीक्रेट सर्विस एजेंट्स चुनाव के दौरान ही प्रमुख उम्मीदवार की सुरक्षा में तैनात हो जाते हैं। जैसे ही प्रत्याशी की जीत की संभावना बढ़ जाती है वैसे ही सीक्रेट सर्विस अपनी सुरक्षा को बढ़ा देती है। जुलाई में जब डेमोक्रेटिक पार्टी ने जो बाइडन को अपना राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया था, तब से ही सीक्रेट सर्विस उनकी सुरक्षा में तैनात है।