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Israel: गाजा से ईरान-लेबनान तक इस्राइल के दुश्मन ढेर, पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव और मोसाद के कारनामों की कहानी

स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Fri, 02 Aug 2024 04:46 AM IST

सार

Israel: पिछले कुछ दिनों में इस्राइल के बड़े दुश्मन मारे गए हैं। 30 जुलाई को 41 करोड़ का इनामी हिजबुल्ला कमांडर फुआद शुकर लेबनान में ढेर कर दिया गया। इसके बाद 31 जुलाई को हमास प्रमुख इस्माइल हनिया ईरान में मारा गया। इसी बीच, 1 अगस्त को इस्राइल ने पुष्टि कर दी कि हमास का सैन्य प्रमुख मोहम्मद दाइफ की गाजा में हत्या कर दी गई है।
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इस्राइल के बड़े दुश्मन मारे गए - फोटो : AMAR UJALA
हमास के राजनीतिक शाखा के प्रमुख इस्माइल हानिया की हत्या के बाद इस्राइल और अरब देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। पश्चिम एशिया के कई देशों में इस हत्या के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं। इस्माइल हानिया की हत्या बुधवार तड़के तेहरान में कर दी गई थी। हानिया ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए तेहरान पहुंचा था। पेजेशकियन के शपथ समारोह में 50 से अधिक देशों के नेता पहुंचे थे। इन नेताओं में भारत के केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी शामिल थे। पेजेशकियन के शपथ ग्रहण के दौरान की तस्वीरें गडकरी ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट की हैं। इन तस्वीरों में भी इस्माइल हानिया नजर आ रहा है। हानिया की हत्या के बाद ईरान समेत पश्चिम एशिया के कई देशों में तनाव बढ़ गया है। लेबनान के बेरूत में भारतीय दूतावास ने एक एडवायजरी जारी की। दूतावास ने भारतीय को लेबनान में गैर जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी। तुर्किये के राष्ट्रपति ने इसे कायराना हरकत करार दिया है तो कतर ने हानिया की हत्या को तनाव बढ़ाने वाली घटना बताया है। 

इससे एक दिन पहले इस्राइल ने हिजबुल्ला के सबसे वरिष्ठ सैन्य कमांडर फुआद शुकर को लेबनान में मार गिराया। यह हमला 30 जुलाई को शाम के समय बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हुआ, जो हिजबुल्ला का गढ़ है। इसी 27 जुलाई को उत्तरी इस्राइल के मजदल शम्स इलाके में रॉकेट हमला हुआ था, जिसमें 12 बच्चों की मौत हो गई थी। इस्राइल ने कहा कि इस हमले के पीछे हिजबुल्ला के सबसे वरिष्ठ सैन्य कमांडर फुआद शुकर था। यह 1983 में लेबनान में हुए हमले के लिए भी जिम्मेदार था, जिसमें 241 अमेरिकी नौसैनिक मारे गए थे। इस्राइल ने कहा है कि फुआद शुकर अब कोई खतरा नहीं है। इसके अलावा, 1 अगस्त को इस्राइलनी सेना ने पुष्टि की कि हमास का सैन्य प्रमुख मोहम्मद दाइफ गाजा में मारा गया है। इस्राइली सेना ने खान यूनिस इलाके में स्थित एक कंपाउंड को निशाना बनाकर 13 जुलाई को एयर स्ट्राइक की थी। इसी हमले में मोहम्मद दइफ मारा गया।
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इस्राइल के बड़े दुश्मन मारे गए - फोटो : AMAR UJALA
हमास के राजनीतिक शाखा के प्रमुख इस्माइल हानिया की हत्या के बाद इस्राइल और अरब देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। पश्चिम एशिया के कई देशों में इस हत्या के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं। इस्माइल हानिया की हत्या बुधवार तड़के तेहरान में कर दी गई थी। हानिया ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए तेहरान पहुंचा था। पेजेशकियन के शपथ समारोह में 50 से अधिक देशों के नेता पहुंचे थे। इन नेताओं में भारत के केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी शामिल थे। पेजेशकियन के शपथ ग्रहण के दौरान की तस्वीरें गडकरी ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट की हैं। इन तस्वीरों में भी इस्माइल हानिया नजर आ रहा है। हानिया की हत्या के बाद ईरान समेत पश्चिम एशिया के कई देशों में तनाव बढ़ गया है। लेबनान के बेरूत में भारतीय दूतावास ने एक एडवायजरी जारी की। दूतावास ने भारतीय को लेबनान में गैर जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी। तुर्किये के राष्ट्रपति ने इसे कायराना हरकत करार दिया है तो कतर ने हानिया की हत्या को तनाव बढ़ाने वाली घटना बताया है। 

इससे एक दिन पहले इस्राइल ने हिजबुल्ला के सबसे वरिष्ठ सैन्य कमांडर फुआद शुकर को लेबनान में मार गिराया। यह हमला 30 जुलाई को शाम के समय बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हुआ, जो हिजबुल्ला का गढ़ है। इसी 27 जुलाई को उत्तरी इस्राइल के मजदल शम्स इलाके में रॉकेट हमला हुआ था, जिसमें 12 बच्चों की मौत हो गई थी। इस्राइल ने कहा कि इस हमले के पीछे हिजबुल्ला के सबसे वरिष्ठ सैन्य कमांडर फुआद शुकर था। यह 1983 में लेबनान में हुए हमले के लिए भी जिम्मेदार था, जिसमें 241 अमेरिकी नौसैनिक मारे गए थे। इस्राइल ने कहा है कि फुआद शुकर अब कोई खतरा नहीं है। इसके अलावा, 1 अगस्त को इस्राइलनी सेना ने पुष्टि की कि हमास का सैन्य प्रमुख मोहम्मद दाइफ गाजा में मारा गया है। इस्राइली सेना ने खान यूनिस इलाके में स्थित एक कंपाउंड को निशाना बनाकर 13 जुलाई को एयर स्ट्राइक की थी। इसी हमले में मोहम्मद दइफ मारा गया।

हमास प्रमुख इस्माइल हानिया की ईरान में हत्या - फोटो : AMAR UJALA
कैसे मारा गया हानिया?
हिजबुल्ला से जुड़े समाचार स्त्रोत अल-मायादीन ने एक अज्ञात ईरानी अधिकारी का हवाला देते हुए कहा कि हमास नेता की हत्या ईरान के भीतर से नहीं, बल्कि एक देश से दूसरे देश में दागी गई मिसाइल द्वारा की गई। हानिया की हत्या के बारे में ईरानी विशेषज्ञ ने कहा कि ऐसी हत्याएं भाड़े के सैनिकों द्वारा की जाती हैं। हमला एक छोटे मिसाइल के जरिए होता है और उपग्रह द्वारा निर्देशित होता है। हानिया की हत्या के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई ने इस्राइल से बदला लेने का एलान किया है। 

इस पूरे विवाद में अमेरिका भी कूद पड़ा है। अमेरिका ने बुधवार को कहा कि ईरान आतंवाद का सबसे बड़ा निर्यातक है। पूरी दुनिया में ईरान द्वारा आतंकवाद फैलाया जा रहा है। अमेरिका ने आरोप लगाया कि ईरान पूरे पश्चिम एशिया के क्षेत्र को अस्थिर करने के लिए फंडिंग और प्रोत्साहन भी दे रहा है। अगर ईरान ने कोई हिमाकत की तो हम अपने सहयोगी देशों की मदद करेंगे और कड़ी कार्रवाई करेंगे।

Israel Attack - फोटो : Amar Ujala
हत्या के पीछे किसके हाथ की बात कही जा रही है?
इन हत्याओं के बाद इस्राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद एक बार फिर चर्चा में है। मोसाद दुनियाभर में अपने अभियानों के लिए जानी जाती है। कहा जा रहा है कि पिछले साल 7 अक्तूबर के घातक हमले का इस्राइल ने बदला ले लिया है। मोसाद प्रमुख ने 7 अक्तूबर के हमले के बाद हानिया को मारने का एलान किया था। 

हमास नेता खालेद मशाल - फोटो : Social Media
हमास का आगे क्या होगा?
रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इस्माइल हानिया की जगह खालेद मशाल को हमास का नया प्रमुख बनाया जा सकता है। रामल्लाह के सिलवाद में पैदा हुआ खालेद मशाल बचपन में अपने परिवार के साथ कुवैत में रहने लगा था। 15 साल की उम्र में खालेद मशाल मुस्लिम ब्रदरहुड के साथ जुड़ा और मुस्लिम ब्रदरहुड ने ही 1980 के दशक के अंत में हमास को बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। खालेद मशाल ने हमास के साथ जुड़कर कई वर्षों तक हमास के लिए विदेशों से फंडिंग जुटाई। साल 1997 में खालेद मशाल पहली बार चर्चा में उस वक्त आया था, जब इस्राइल ने जॉर्डन की राजधानी अम्मान में मशाल को जहर देकर मारने की कोशिश की थी। हालांकि, इस हमले में मशाल बच गया। 68 वर्षीय मशाल निर्वासन में हमास की राजनीतिक शाखा का नेतृत्व कर चुका है।  

मोसाद का ऑपरेशन थंडरबोल्ट - फोटो : AMAR UJALA
क्या है मोसाद की कहानी?
मोसाद की स्थापना इस्राइल में 13 दिसंबर, 1949 में की गई थी। इस्राइल सरकार ने मोसाद का गठन आतंकवाद से लड़ने के लिए किया था। बाद में 1951 में मोसाद को इस्राइल के प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन कर दिया गया। इसकी रिपोर्टिंग भी प्रधानमंत्री को ही होती है। आज के दौर में मोसाद के पास टॉप क्लास सीक्रेट एजेंट, हाईटेक इंटेलीजेंस टीम, शार्प शूटर और कातिल हसीनाओं समेत कई तरह के जासूस और गुप्त योद्धाओं की फौज है। मोसाद के एजेंट्स इतनी सफाई से काम को अंजाम देते हैं कि कोई सबूत भी नहीं बचता। मोसाद उन देशों के साथ गुप्त संबंध स्थापित करने में भी शामिल है जो खुले तौर पर साथ इस्राइल का साथ देने से बचते हैं। 

मोसाद का ऑपरेशन थंडरबोल्ट - फोटो : AMAR UJALA
मोसाद के बड़े ऑपरेशन 
1960 अर्जेंटीना में सीक्रेट मिशन :
मोसाद ने अर्जेंटीना में 1960 में एक सीक्रेट मिशन को अंजाम देते हुए नाजी युद्ध के अपराधी एडोल्फ एकमैन को गुपचुप तरीके से अपहरण करके इस्राइल ले आई। बाद में मुकदमा चलाकर उसे सजा दी गई। इस मिशन को पांच एजेंट्स ने पूरा किया था। 

1964 में रूसी मिग-29 को इस्राइल लाना : उस दौर में सोवियत संघ रूस का मिग-29 सबसे उन्नत लड़ाकू विमान माना जाता था। इसे पाने में जब अमेरिका की सीआईए भी विफल रही तो फिर मोसाद की महिला एजेंट ने 1964 में इसे कर दिखाया। हालांकि, 1962 में इसी मिशन पर एक मोसाद एजेंट पकड़ा गया था, जिसे फांसी दे दी गई थी। 

1972 रैथ ऑफ गॉड : 1972 में म्यूनिख ओलिंपिक के लिए एकत्र इस्राइली ओलिंपिक टीम के 11 खिलाड़ियों को बंधक बनाकर हत्या का बदला फलस्तीनी आतंकियों से लिया। यह ऑपरेशन करीब 20 साल तक चला और मोसाद ने सभी आतंकियों से चुन-चुनकर बदला लिया।

1976 का ऑपरेशन थंडरबोल्ट : अरब के आतंकियों द्वारा हाइजैक फ्रांसीसी विमान को मोसाद अपने 94 नागरिकों के साथ युगांडा से मुक्त कराकर लाई थी। यह ऑपरेशन काफी चर्चित रहा था।  

2020 ईरानी परमाणु वैज्ञानिक का खात्मा! : नवंबर 2020 में ईरान के सैन्य परमाणु कार्यक्रम शीर्ष वैज्ञानिक ब्रिगेडियर जनरल मोहसिन फखरीजादेह की हत्या कर दी गई है। हालांकि, मोसाद ने तब इसकी जिम्मेदारी खुले तौर पर नहीं ली, लेकिन जून 2021 में मोसाद के मुखिया ने इसे लेकर अहम खुलासे किए थे। 
  • इसी तरह मोसाद ने अमेरिका के लिए ईरान में घुस कर अलकायदा के नंबर दो आतंकी अल मसरी को मार गिराया। फिर ईरान में घुस कर आतंकी अबु मोहम्मद का भी खात्मा किया था।
  • फलस्तीनी नेता यासिर अराफात के राइट हैंड खलील अल वजीर उर्फ अबू जिहाद को ट्यूनिशिया में टूरिस्ट बनकर गए मोसाद के एजेंट ने परिवार के सामने ही 70 गोलियां मारी थीं। 
  • अपने ही देश के परमाणु कार्यक्रम की जानकारी लीक करने वाले बागी वैज्ञानिक वनुनु को पकड़ने के लिए मोसाद ने अपनी कातिल जांबाज हसीनाओं का इस्तेमाल किया और उसे प्रेम जाल में फंसाकर वापस इस्राइल ले आई।
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