हमास प्रमुख इस्माइल हानिया की ईरान में हत्या
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ईरान में मौजूद हमास प्रमुख इस्माइल हानिया की हत्या हो गई है। हमास ने इस घटना के लिए सीधे इस्राइल को दोषी ठहराया है। हानिया को पिछले साल 7 अक्तूबर को इस्राइल में हुए घातक हमले का मास्टरमाइंड बताया जाता है। कहा जा रहा है कि इस्राइल ने इसका बदला ले लिया है। हानिया की हत्या ईरान में एक मिसाइल हमले में हुई है। ईरान की सेना ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी मौत की पुष्टि की है। हमास ने भी इस्माइल हानिया की हत्या की बात स्वीकार की है।
बीते नौ महीने से भी अधिक समय से इस्राइल और हमास आमने-सामने हैं। 7 अक्तूबर के हमले के बाद से ही इस्राइली सेना ने हमास को नेस्तनाबूत करने की ठान ली थी। आखिर संघर्ष के 10 महीने पूरे होते-होते उसने अपने प्रमुख लक्ष्य को ढेर कर दिया। इस संघर्ष में बीते समय में हमास के कई कमांडर ढेर हो चुके हैं लेकिन हानिया की मौत संगठन के लिए बड़ा नुकसान है।
आइये जानते हैं कि कौन था इस्माइल हानिया? इस्राइल ने हमास प्रमुख को कैसे मार गिराया? हानिया की हत्या हमास के लिए कितना बड़ा झटका है? हमास और इस्राइल इस घटना पर क्या कह रहे हैं?
इस्माइल हानिया
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कौन था इस्माइल हानिया?
इस्राइल के हमले में मारा गया इस्माइल हानिया, हमास की राजनीतिक शाखा 'इस्लामिक प्रतिरोध आंदोलन हमास' का प्रमुख था। दरअसल, 2006 में फलस्तीनी संसदीय चुनाव हुए थे जिसमें जीत के बाद गाजा इलाके पर हमास का कब्जा हो गया। आखिरी बार वहां चुनाव उसी समय हुए थे। हमास का 2007 से गाजा पट्टी पर शासन है। आम चुनावों में हमास की जीत के बाद से ही संगठन में हानिया का दबदबा बढ़ने लगा था। उसे गाजा पट्टी में फलस्तीनी प्राधिकरण का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। इस दौरान मिस्र से गाजा पट्टी में आयातित वस्तुओं पर भारी कर लगाकर हानिया ने अपनी संपत्ति कई गुना बढ़ा ली।
इस्माइल हानिया फिलहाल कतर में रह रहा था और बताया जाता है कि वहां वह ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहा था। इस्राइल पर हुए 7 अक्तूबर के हमले को उसने अपने दफ्तर में टीवी पर देखा था। इस्राइल पर बीते साल 7 अक्तूबर को हुए हमले के पीछे भी इस्माइल हानिया की अहम भूमिका थी और यही वजह थी कि इस्माइल हानिया इस्राइली सुरक्षा बलों के निशाने पर था।
ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का शपथ ग्रहण समारोह
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ईरान में क्या कर रहा था हानिया?
इस्माइल हानिया ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए तेहरान पहुंचा था। पेजेशकियन के शपथ समारोह में करीब 70 देशों के नेता पहुंचे थे। इन नेताओं में भारत के केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी शामिल थे। पेजेशकियन के शपथ ग्रहण के दौरान की तस्वीरें गडकरी ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट की हैं। इन तस्वीरों में भी इस्माइल हानिया नजर आ रहा है।
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और इस्माइल हानिया की मुलाकात
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हमास प्रमुख कैसे मारा गया?
हमास के राजनीतिक प्रमुख इस्माइल हानिया की बुधवार (31 जुलाई) तड़के ईरान की राजधानी तेहरान में हत्या कर दी गई। इसकी जानकारी हमास के साथ-साथ ईरानी सेना ने भी दी है। हमास के मुताबिक, 62 वर्षीय हानिया की तेहरान में उस समय हत्या कर दी गई जब वह ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गया था। 30 जुलाई को रात आठ बजे ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने ट्वीट कर जानकारी दी थी कि उन्होंने इस्माइल हानिया से मुलाकात की है।
इस मुलाकात के बाद 31 जुलाई को तड़के हमास प्रमुख हानिया की तेहरान स्थित उसके आवास पर हत्या कर दी गई। टेलीग्राम पर जारी एक बयान में कहा गया कि एक विश्वासघाती जायोनी (यहूदीवाद) रेड के चलते हानिया की मृत्यु हो गई। बयान के अनुसार, हानिया ईरान के राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुआ था। वह उत्तरी तेहरान में एक विशेष आवास में ठहरा हुआ था जब वह एक प्रोजेक्टाइल द्वारा मारा गया।
हमास चीफ इस्माइल हानिया (फाइल)
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'दूसरे देश से दागी गई मिसाइल से हुई हत्या'
हिजबुल्ला से जुड़े समाचार स्त्रोत अल-मायादीन ने एक अज्ञात ईरानी अधिकारी का हवाला देते हुए कहा कि हमास नेता की हत्या ईरान के भीतर से नहीं, बल्कि एक देश से दूसरे देश में दागी गई मिसाइल द्वारा की गई। हानिया की हत्या के बारे में ईरानी विशेषज्ञ ने कहा कि ऐसी हत्याएं भाड़े के सैनिकों द्वारा की जाती हैं। हमला एक छोटे मिसाइल के जरिए होता है और उपग्रह द्वारा निर्देशित होता है।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर ने हानिया और उसके एक अंगरक्षक की हत्या की पुष्टि करते हुए कहा कि वे इसकी जांच कर रहे हैं। उधर इस्राइली अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई, लेकिन वरिष्ठ सरकारी अधिकारी अमीहाई एलियाहू ने हानिया की मौत को एक जश्न की तरह मनाया। एलियाहू ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि यह 'दुनिया को थोड़ा बेहतर बनाएगा।' वहीं फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज के वरिष्ठ सलाहकार रिचर्ड गोल्डबर्ग ने हानिया की हत्या से कुछ घंटे पहले ट्वीट किया था कि इस्राइली वायु सेना आज रात अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने वाली है।'
इस्राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू
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हत्या से एक घंटे पहले आया था वीडियो
हानिया ने अपनी हत्या से एक घंटे पहले वीडियो संदेश जारी किया था। यह बयान ईरान के प्रमुख पर्यटक स्थल मिलाद टॉवर में थीम पार्क की यात्रा के दौरान जारी किया था। हमास प्रमुख ने कहा था, 'कुद्स से तेहरान में मिलाद टॉवर तक, संदेश स्पष्ट है कि वास्तविक सभ्यताएं मानवीय मूल्यों से उत्पन्न हुईं और रक्तपात और लूटपाट से नहीं।'
हानिया की तलाश कर रहा था इस्राइल
इस्राइली मोसाद खुफिया एजेंसी के प्रमुख ने 7 अक्तूबर के हमले के बाद हानिया को मारने की कसम खाई थी। इस हमले के बाद से ही इस्राइल हानिया की तलाश कर रहा था। इसी साल अप्रैल में फलस्तीनी एन्क्लेव में हवाई हमले में हानिया के तीन बेटे और चार पोते मारे गए थे। हानिया ने उनकी मौत के बाद कहा था कि हमास इस्राइली दबाव के आगे नहीं झुकेगा।
लंबे समय से ईरान के भीतर हवाई हमले करता रहा है इस्राइल
कम से कम 2010 से इस्राइल ने ईरान के अंदर कथित तौर पर दर्जनों हमले किए हैं। इन हमलों में संवेदनशील परमाणु और सैन्य अड्डों पर कार्रवाई, साथ ही विशेषज्ञों की हत्याएं शामिल हैं।
जुलाई 2020 से इस्राइली हमलों की संख्या बढ़ गई, जब मध्य ईरान में परमाणु स्थल पर एक बड़ा विस्फोट हुआ, जिससे एक इमारत नष्ट हो गई। उसी साल नवंबर में, ईरान के परमाणु कार्यक्रम के एक प्रमुख अधिकारी मोहसेन फखरीजादेह की तेहरान के पास सड़क किनारे हमले में हत्या कर दी गई थी। पश्चिमी और इस्राइली खुफिया एजेंसियों को लंबे समय से संदेह था कि फखरीजादेह ने ईरान के गुप्त परमाणु हथियार कार्यक्रम को बनाया था।
फखरीजादेह की हत्या के बाद से विभिन्न ठिकानों पर कई छोटे और बड़े हमले हुए हैं, जिनमें एक हाई-टेक, रिमोट संचालित मशीन गन का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, इस्राइल ने कभी भी इनमें से किसी भी हमले में अपनी संलिप्तता नहीं मानी है।
उधर ईरान ने कई मौकों पर दावा किया है कि उसने इस्राइली घुसपैठ को बेनकाब किया है और उन्हें नष्ट कर दिया है। हालांकि, ईरान ने कभी भी इस्राइली गुप्त अभियानों से जुड़े ठोस सबूत पेश नहीं किए हैं।