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West Asia Crisis: इराक में अमेरिका का KC-135 टैंकर विमान क्रैश, चालक दल के छह लोगों की मौत

Fri, 13 Mar 2026 02:06 PM IST
Riya Dubey वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियानों के दौरान अमेरिकी वायुसेना का KC-135 रिफ्यूलिंग टैंकर विमान पश्चिमी इराक में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में छह क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें से चार की मौत की पुष्टि हो गई है।
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बोइंग KC-135 स्ट्रैटोटैंकर (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एडोब स्टॉक
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विस्तार
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अमेरिकी सेना ने बताया कि ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियानों का समर्थन कर रहा KC-135 रिफ्यूलिंग विमान पश्चिमी इराक में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। विमान में सवार छह चालक दल के सदस्यों की मौत की पुष्टि हो गई है। हादसे के बाद बचाव अभियान जारी है।  

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पश्चिम एशिया क्षेत्र की निगरानी करने वाली यूएस सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह दुर्घटना फ्रेंडली एयरस्पेस में दो विमानों से जुड़े एक अज्ञात घटना के बाद हुई। घटना में शामिल दूसरा विमान सुरक्षित लैंड कर गया।

यह ईरान के साथ जारी युद्ध के दौरान सार्वजनिक रूप से सामने आया अमेरिकी सेना का चौथा विमान हादसा है। KC-135 टैंकर विमान का इस्तेमाल लड़ाकू विमानों को हवा में ईंधन भरने के लिए किया जाता है, जिससे वे लंबे समय तक ऑपरेशन जारी रख सकें।

KC-135 टैंकर विमान क्या है?

KC-135 अमेरिकी वायुसेना का एक प्रमुख एरियल रिफ्यूलिंग (हवा में ईंधन भरने वाला) विमान है, जो लड़ाकू और बमवर्षक विमानों को उड़ान के दौरान ईंधन देकर उन्हें लंबी दूरी तक मिशन जारी रखने में मदद करता है।

  • यह विमान 1960 के दशक से सेवा में है और इसका डिजाइन बोइंग-707 यात्री विमान पर आधारित है।
  • विमान में सामान्य तौर पर पायलट, को-पायलट और बूम ऑपरेटर सहित तीन सदस्यीय क्रू होता है।
  • पीछे की ओर स्थित बूम ऑपरेटर एक विशेष फ्यूल बूम के जरिए दूसरे विमानों से जुड़कर उन्हें ईंधन देता है।
  • कुछ मिशनों में यह विमान घायलों की मेडिकल इवैक्यूएशन या निगरानी कार्यों में भी इस्तेमाल किया जाता है।

अमेरिकी वायुसेना के पास पिछले साल तक लगभग 376 KC-135 विमान थे, जिनमें सक्रिय ड्यूटी, एयर नेशनल गार्ड और रिजर्व यूनिट शामिल हैं। हालांकि इन पुराने विमानों को धीरे-धीरे नई पीढ़ी के KC-46A पेगासस टैंकरों से बदला जा रहा है।

दुर्घटना का कारण स्पष्ट नहीं

दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार रिफ्यूलिंग टैंकर आमतौर पर युद्ध क्षेत्र के पीछे सुरक्षित इलाकों में काम करते हैं, इसलिए इनके दुश्मन की गोलीबारी से गिरने की घटनाएं बेहद दुर्लभ होती हैं। यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब पिछले सप्ताह तीन अमेरिकी F-15E लड़ाकू विमान गलती से कुवैत की फ्रेंडली फायर में मार गिराए गए थे।

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KC-135 से जुड़ी पिछली बड़ी दुर्घटनाएं

KC-135 विमानों से जुड़े कई घातक हादसे पहले भी हो चुके हैं। मई 2013 में किर्गिस्तान में एक KC-135R विमान टेकऑफ के बाद क्रैश हो गया था, जिसमें तीनों क्रू सदस्य मारे गए थे। जांच में पता चला था कि विमान के रडर में खराबी आने से वह नियंत्रण खो बैठा था।

सबसे गंभीर दुर्घटना 1966 में स्पेन के पालोमारिस के पास हुई थी, जब परमाणु बम ले जा रहे B-52 बमवर्षक से KC-135 की हवा में टक्कर हो गई थी। इस हादसे में टैंकर विमान क्रैश हो गया और चार लोगों की मौत हुई, जबकि जमीन पर गिरे परमाणु हथियारों के कारण बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलाना पड़ा था।

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