ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने रविवार (स्थानीय समयानुसार) को यमन की राजधानी सना में संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एवं बाल एजेंसियों के कार्यालयों पर छापा मारा। इस दौरान हूतियों ने संयुक्त राष्ट्र के 11 कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब इस्राइल ने लगभग एक सप्ताह पहले हूती प्रधानमंत्री और कई कैबिनेट सदस्यों की हत्या कर दी थी। अधिकारियों ने बताया कि हत्याओं के बाद हूती विद्रोहियों ने सना में सुरक्षा कड़ी कर दी है।
विश्व खाद्य कार्यक्रम के प्रवक्ता अबीर एतेफा ने बताया कि सुरक्षा बलों ने सुबह हूतियों के नियंत्रण वाली राजधानी सना में एजेंसियों के कार्यालयों पर छापा मारा। एतेफा ने कहा, 'मानवीय संगठनों के कर्मचारियों की मनमानी गिरफ्तारी अस्वीकार्य है।'
कई अन्य कर्मचारियों के भी हिरासत में लिए जाने की आशंका
संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों के अनुसार, हूती बलों ने यूनिसेफ के दफ्तरों पर भी छापा मारा। यूनिसेफ के प्रवक्ता अम्मार ने पुष्टि की कि सना में उनकी एजेंसी से जुड़ा स्थिति बनी हुई है, लेकिन अधिक जानकारी नहीं दी। एक अन्य संयुक्त राष्ट्र अधिकारी ने बताया कि डब्ल्यूएफपी और यूनिसेफ के कई अन्य कर्मचारियों से संपर्क टूट गया है और आशंका है कि उन्हें भी हिरासत में लिया गया है।
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पहले भी दर्जनों कर्मचारियों के हिरासत में ले चुके विद्रोही
यह छापे हूती विद्रोहियों द्वारा संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों पर लंबे समय से जारी दबाव का हिस्सा हैं। विद्रोही पहले भी दर्जनों यूएन कर्मचारियों और राहत संगठनों के कर्मचारियों को हिरासत में ले चुके हैं। जनवरी में आठ कर्मचारियों को हिरासत में लेने के बाद संयुक्त राष्ट्र को उत्तरी यमन में हूती के गढ़ सादा शहर में अपना संचालन निलंबित करना पड़ा था।
इस्राइली हमले में हूती प्रधानमंत्री समेत 5 मंत्री मारे गए
रविवार की कार्रवाई उस इस्राइली हमले के बाद हुई, जिसमें बृहस्पतिवार को हूती प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी और उनके कई मंत्री मारे गए। मारे गए मंत्रियों में विदेश मंत्री जमाल आमेर, उप प्रधानमंत्री और स्थानीय विकास मंत्री मोहम्मद अल-मेदानी, बिजली मंत्री अली सैफ हसन, पर्यटन मंत्री अली अल-याफी और सूचना मंत्री हाशिम शराफुद्दीन शामिल हैं। हूती अधिकारियों ने बताया कि उप गृह मंत्री अब्दुल-माजिद अल-मुर्तदा भी हमले में मारे गए।
सना के सबीन स्क्वायर पर होगा अंतिम संस्कार
हूती बयान के मुताबिक, यह हमला उस समय हुआ, जब सरकार अपनी सालाना समीक्षा बैठक कर रही थी। मृतकों का अंतिम संस्कार सोमवार को सना के सबीन स्क्वायर पर होगा। हूती अधिकारियों ने बताया कि रक्षा मंत्री मोहम्मद नासिर अल-अत्तेफी इस हमले में बच गए, जबकि शक्तिशाली गृह मंत्री अब्देल-करीम अल-हूती उस बैठक में मौजूद नहीं थे।
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इस्राइल पर बैलिस्टिक मिसाइल दागने के बाद हुआ हमला
यह हमला तब हुआ जब 21 अगस्त को हूती विद्रोहियों ने इस्राइल पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी, जिसे इस्राइल ने क्लस्टर बम बताया। यह मिसाइल तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट की ओर दागी गई थी, जिससे यरूशलम और मध्य इस्राइल में सायरन बज उठे और लाखों लोग शेल्टरों में चले गए।
हूतियों ने हमले और तेज करने का किया एलान
हूतियों ने पहले ही चेतावनी दी है कि वे उन सभी व्यापारी जहाजों को निशाना बनाएंगे, जिनका कारोबार इस्राइली बंदरगाहों से जुड़ा होगा। हूती नेता अल-हूती ने रविवार को टीवी भाषण में कहा, 'हमारा सैन्य अभियान- चाहे मिसाइलों से हो, ड्रोन से या समुद्री नाकाबंदी से लगातार जारी रहेगा, स्थिर रहेगा और और भी तेज होगा।'