अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान पतन की कगार पर है और उसने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की गुहार लगाई है। ट्रंप के अनुसार, ईरान अपने नेतृत्व संकट को सुलझाने के लिए मोहलत चाहता है। आइए, इस खबर में जानते हैं कि ट्रंप ने और क्या-क्या दावे किए है।
दुनिया भर की नजरें इस वक्त अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी पर टिकी हैं। इसी बीच मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद सनसनीखेज दावा किया है। ट्रंप का कहना है कि ईरान पूरी तरह से बर्बादी के कगार पर पहुंच चुका है। इतना ही नहीं, ट्रंप के मुताबिक ईरान ने खुद अमेरिका से संपर्क करके होर्मुज जलडमरूमध्य से नाकेबंदी हटाने की गुहार लगाई है।
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ट्रंप का दावा है कि ईरान चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट को जल्द से जल्द खोल दिया जाए, ताकि जहाजों की आवाजाही पहले की तरह सामान्य हो सके। अमेरिका के इस दावे के बाद अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में खलबली मच गई है। हालांकि, दूसरी तरफ ईरान ने ट्रंप के इस दावे और दबाव को सिरे से खारिज कर दिया है।
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ट्रंप ने अपने पोस्ट में क्या लिखा है?
ईरान ने अभी-अभी हमें बताया है कि वे पूरी तरह से ढहने की कगार पर हैं।
ईरान चाहता है कि हम जितनी जल्दी हो सके होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल दें।
ईरान यह मोहलत इसलिए मांग रहा है ताकि वे अपने 'नेतृत्व से जुड़ी उलझन' को सुलझा सकें।
अमेरिका और ईरान के बीच क्या चल रही है डील?
ट्रंप ने यह बिल्कुल साफ नहीं किया है कि अमेरिका की ईरान में किससे बातचीत हो रही है। यह स्थिति तब है जब ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई घायल हैं और उनकी हालत पर अमेरिका भी स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ अधिकारी ईरान की ओर से होर्मुज खोलने को तैयार हैं। बदले में ईरान चाहता है कि जंग पर स्थायी तौर पर विराम लगे और अमेरिकी नाकेबंदी बंद हो, लेकिन यूरेनियम संवर्धन के मुद्दे पर ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं है।