दुनियाभर में विरोध प्रदर्शनों और भीड़ को हटाने के लिए सुरक्षाकर्मी आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल करते हैं। वैसे तो पुलिस या सुरक्षाबलों द्वारा इस्तेमाल होने वाले आंसू गैस के गोलों में 'क्लोरोपिक्रिन' मुख्य रसायन होता है जिसकी वजह से आंखों में जलन होती है और आंसू निकलने लगते हैं।
लेकिन इन दिनों हांगकांग में आंसू गैस के गोलों के स्वाद वाले आइसक्रीमों की खूब चर्चा और मांग है। इस आइसक्रीम में मुख्य तौर पर काली मिर्च का इस्तेमाल हुआ है, जो थोड़ा तीखा होता है और जिसे खाने के बाद गले में जलन और आंखों में आंसू आ जाते हैं। ऐसे में आइसक्रीम का यह फ्लेवर हांगकांग में लगातार चल रहे विरोध प्रदर्शनों में चीनी सुरक्षाबलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर दागे जा रहे आंसू गैस के गोलों की याद दिलाते हैं।
विरोध प्रदर्शन के दौरान आंसू गैस का अनुभव करने वाली ग्राहक अनीता वोंग कहती हैं, 'इसका स्वाद आंसू गैस की तरह है। पहली बार में सांस लेना मुश्किल होता है, और यह वास्तव में तीखा और परेशान करता है। इससे मुझे तुरंत बहुत सारा पानी पीने की इच्छा होती है, मुझे लगता है कि यह एक फ्लैशबैक है जो मुझे याद दिलाता है कि आंदोलन में मुझे कितना दर्दनाक हुआ, और मुझे यह नहीं भूलना चाहिए।'
दूकान के मालिक नाम ना छापने की शर्त पर कहते हैं कि यह स्वाद दरअसल लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के समर्थन का प्रतीक है, जो कोरोनो वायरस महामारी के दौरान अपनी गति को फिर से हासिल करना चाहता है. वे कहते हैं कि 'हम एक ऐसा स्वाद बनाना चाहते हैं जो लोगों को याद दिलाता है कि उन्हें अभी भी विरोधी आंदोलन में बने रहना है और अपना जुनून नहीं खोना है।
हांगकांग के अधिकारियों के मुताबिक, विरोध प्रदर्शनों के दौरान 16,000 से अधिक राउंड के आंसू गैस दागे गए हैं, इनमें कई का इस्तेमाल घनी आबादी वाले उन जिलों में हुआ है जो संकीर्ण गलियां, छोटे रेस्तरां और अपार्टमेंट ब्लॉक से भरी हुई हैं। हांगकांग में इस वक्त चीन के खिलाफ लोकतंत्र बचाने के लिए प्रदर्शन हो रहा है, जहां लोग हांगकांग में चीनी की दखलंदाजी नहीं चाहते हैं.