हांगकांग में सरकार विरोधी प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को हजारों प्रदर्शनकारियों ने इंडस्ट्रियल इलाके कुन टॉन्ग में सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प देखने को मिली। आजादी और लोकतंत्र की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठी चार्ज किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस पर पथराव और बांस के डंडों से हमला किया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने गैस मास्क लगा रखे थे और कुन टॉन्ग इलाके की तरफ बढ़ रहे थे। उनके हाथों में तख्तियां और बांस के डंडे थे। हाथों में लाठी और दूसरे हथियारों से लैस पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों की पुलिस से तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। प्रदर्शनकारियों ने भी पत्थर और बोतलों से पुलिस पर हमला कर दिया।
पुलिस ने बल प्रयोग की इस कार्रवाई को सही ठहराया है। उसका कहना है कि उग्र होते प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए बल का इस्तेमाल किया गया। 19 साल के छात्र रायन ने कहा, ‘मेरा मानना है कि शांति से इस समस्या का हल नहीं निकलेगा। सरकार शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देती है। अधिकारों की लड़ाई के लिए मैं गिरफ्तार होने को तैयार हूं।’
रविवार को भी विरोध मार्च
प्रदर्शनकारियों ने रविवार को भी विरोध मार्च निकालने का आह्वान किया है। इसको देखते हुए भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। पिछले रविवार को हजारों लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया था। प्रत्यर्पण कानून में संशोधन के विरोध में शुरू हुआ आंदोलन अब लोकतंत्र और आजादी की मांग में बदल चुका है। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल के प्रयोग को लेकर अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र पहले ही चिंता जता चुके हैं।
हांगकांग लौटा ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास का कर्मचारी
चीन में हिरासत में लिया गया ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास का कर्मचारी हांगकांग लौट आया है। ब्रिटिश कर्मचारी के परिवार ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। साइमन चेंग पड़ोसी शहर शेनजेन में आठ अगस्त को लापता हो गया था। बाद में पता चला कि वह चीनी पुलिस की हिरासत में है।