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हांगकांग में नए साल पर जश्न नहीं, चीन से आजादी के नारों से गूंजा शहर

Fri, 03 Jan 2020 02:45 AM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

  • चीन से आजादी की मांग को लेकर सड़क पर उतरे 10 हजार से अधिक हांगकांग निवासी
  • पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले, एचएसबीसी बैंक की शाखा पर लोकतंत्र समर्थकों का हमला
  • प्रदर्शनकारियों का आरोप, आजादी की लड़ाई के लिए फंड वाला खाता बैंक ने बंद कर दिया है
  • प्रदर्शनकारियों ने शाखा की दीवारों पर आजादी से संबंधित चित्र उकेरे और कैश मशीन तोड़ी
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नए साल के मौके पर हांगकांग में एक प्रदर्शनकारी - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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शहर के 10 हजार से अधिक लोग नए साल के पहले दिन जश्न नहीं बल्कि चीन से आजादी की मांग को लेकर सड़क पर उतरे। शांतिपूर्ण प्रदर्शन में लोकतंत्र समर्थक अपने परिवारों के साथ आए थे, लेकिन हर बार की तरह पुलिस ने इस बार भी लोगों पर आंसू गैस के कई गोले दागे। जबकि प्रदर्शनकारियों ने भी पेट्रोल बम से पुलिस पर हमला किया।

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रिपोर्ट के मुताबिक, शहर के वांचाई बार जिले में कुछ प्रदर्शनकारियों ने एचएसबीसी बैंक की एक शाखा की दीवारों पर आजादी से संबंधित चित्र उकेर दिए और कैश मशीन को तोड़ दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बैंक ने उस अकाउंट को बंद कर दिया है, जिसमें आजादी की लड़ाई के लिए लोग फंड डालते थे।

हालांकि बैंक ने इससे इनकार किया है। इसके बाद सादी वर्दी में पुलिस ने वहां पहुंच पेपर-स्प्रे और आंसू गैस छोड़ लोगों को तितर-बितर किया। प्रदर्शनकारियों में कई मास्क और काले कपड़े पहने हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बड़े-बड़े बैनर लिए हुए थे, इनमें लिखा था, ‘नये साल की बधाई क्यों दें, हांगकांग खुश नहीं है।'

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बीते साल सुर्खियों में रहे हांगकांग के प्रदर्शन

हांगकांग में लोकतंत्र की मांग को लेकर सालभर से चल रहे प्रदर्शन अब भी थमे नहीं हैं। 2019 में इस खबर ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया में जगह बनाई। इन्हें कुचलने के लिए चीन ने अपनी सेना भी तैनात कर दी। पिछले 6 महीने से जारी प्रदर्शन के खिलाफ पहली बार पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिक सड़कों पर दिखे। विरोध प्रदर्शन की असली वजह थी चीनी प्रत्यर्पण बिल। इसे लेकर आंदोलन ने इस कदर जोर पकड़ा कि जनता सड़कों पर उतर आई।

4 सितंबर को चीन ने इस बिल को वापस ले लिया। इस कानून में प्रावधान था कि अगर कोई व्यक्ति अपराध करके हांगकांग आ जाता है  तो उसे जांच प्रक्रिया में शामिल होने के लिए चीन भेजा जा सकता है। हांगकांग की सरकार कानून में संशोधन के लिए फरवरी 2019 में प्रस्ताव लाई थी। कानून में संशोधन का प्रस्ताव एक घटना के बाद लाया गया था जिसमें एक व्यक्ति ने ताइवान में अपनी प्रेमिका की कथित तौर पर हत्या कर दी थी और हांगकांग वापस आ गया था।

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अवैध हथियार रखने के आरोप में 400 लोगों को किया गिरफ्तार

हांगकांग पुलिस ने नए साल पर सरकार विरोधी मार्च के दौरान अवैध हथियार रखने के आरोप में 400 लोगों को गिरफ्तार किया है। आयोजकों का दावा है कि इस विरोध में पुलिस अनुमति के बिना एक लाख से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। बता दें कि नए साल पर यहां आजादी का जश्न मनाने के बजाय लोकतंत्र समर्थकों ने सड़कों पर प्रदर्शन किए जिसमें उनकी पुलिस के साथ झड़पें भी हुईं।

बता दें कि जून से शुरू हुए इन प्रदर्शनों में पुलिस ने अब तक कुल 7,000 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। बहरहाल बुधवार को हुए प्रदर्शन में दावा है कि पुलिस ने नागरिक मोर्चा के आग्रह पर तीन घंटे के मार्च का आदेश दिया था, लेकिन निर्धारित अवधि खत्म होने के बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने एचएसबीसी बैंक की एक शाखा में तोड़फोड़, आगजनी और पथराव शुरू कर दिया।

देखते-देखते पूरा यहां हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए। हिंसा करने वाले 400 लोगों की गिरफ्तारी के बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया। लोकतंत्र समर्थकों की मांग है कि हांगकांग के लोग 2020 में भी चीन सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को जिंदा रखें।
 

पांच प्रमुख मांगें

हांगकांग में लोकतंत्र समर्थकों की पांच प्रमुख मांगे हैं। इनमें मुख्य कार्यकारी व अन्य प्रतिनिधियों के चुनाव को प्रत्यक्ष सार्वभौमिक मताधिकार करने, करीब 7,000 प्रदर्शनकारियों को रिहा करने, विरोध प्रदर्शनों को अशांति न मानने और पुलिस क्रूरता की स्वतंत्र जांच शामिल है। इनके अलावा प्रदर्शनकारी चीन का विवादित प्रत्यर्पण कानून यहां कभी लागू न करने की मांग भी कर रहे हैं।
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