अपने अरबपति परिवार की संपत्ति को लेकर यूके की अदालतों में कानूनी विवाद में फंसे ब्रिटेन के हिंदुजा बंधु शुक्रवार को लंदन में एक गोपनीय समझौते पर सहमत हो गए हैं। मामला शुरू में 86 वर्षीय श्रीचंद हिंदुजा द्वारा दर्ज कराया गया था, जो परिवार के पितामह समझे जाते हैं। उन्होंने अपने भाइयों जी पी हिंदुजा, पीपी हिंदुजा और एपी हिंदुजा के खिलाफ और 2 जुलाई 2014 को मामला शुरू किया था। मामले में नवंबर 2019 से लंबी कानूनी कार्यवाही चल रही थी। आपसी झगड़े में पूरे परिवार को नुकसान पहुंच रहा था।
अदालत को समझौते के बारे में बताया गया
लॉर्ड जस्टिस पीटर जैक्सन, लॉर्ड जस्टिस बेकर और लॉर्ड जस्टिस वारबी की कोर्ट को शुक्रवार को बताया गया कि एक समझौता हुआ है और अगस्त से कोर्ट ऑफ प्रोटेक्शन के आदेश को बरकरार रखा गया है। इसमें रिपोर्टिंग प्रतिबंधों में से अधिकांश को हटाना भी शामिल है। 30 जून 2022 को परिवार विदेश में चांसरी की कार्यवाही और अन्य मुकदमों से संबंधित एक गोपनीय समझौते पर पहुंच गया और 1 जुलाई 2022 को एक सहमति आदेश दायर किया गया।
सब कुछ सभी का है और कुछ भी किसी का नहीं है....
कई वर्षों तक परिवार ने इस समझौते का पालन किया कि सब कुछ सभी का है और कुछ भी किसी का नहीं है। ये समझौत साल 2014 में हुआ था। दुर्भाग्य से पारिवारिक मतभेदों के कारण कई कानूनी कार्यवाही हुई। श्रीचंद हिंदुजा के परिवार ने आरोप लगाया कि उन्हें दरकिनार किया जा रहा है। अपील में मीडिया हाउस ब्लूमबर्ग न्यूज को एक इंटरवेनर के रूप में शामिल किया गया था और इस मामले पर जनहित वाली रिपोर्ट करने की मांग की गई थी। जबकि अदालत अधिकांश प्रतिबंधों को हटाने के लिए सहमत हो गई, उसने श्रीचंद हिंदुजा के याददाश्त खोने के इलाज और स्थिति के बारे में किसी भी तरह के विस्तृत खुलासे पर रोक लगाई।
श्रीचंद हिंदुजा के आधिकारिक सॉलिसिटर, जिन्हें चिकित्सकीय रूप से कमजोर व्यक्ति के हित में नियुक्त किया गया था, उन्होंने तर्क दिया था कि कार्यवाही की खुली रिपोर्टिंग इस बीमार व्यवसायी को एक सुरक्षात्मक मदद मिलेगी। उनके परिवार के सदस्यों ने उनकी मेडिकल स्थिति और देखभाल के विवरण को सार्वजनिक किए जाने से रोकने के लिए गोपनीयता के पक्ष में तर्क दिया।