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पाकिस्तान: पहले था हिंदू मंदिर जो बाद में बन गया स्कूल, आज बेहद खराब हैं हालात

Tue, 18 May 2021 06:17 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में स्थित इस स्कूल का नाम मीना स्कूल है लेकिन यह मंदिर स्कूल के नाम से अधिक प्रसिद्ध है। इसकी स्थापना भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के दौरान भारत से इस इलाके में आए हिंदू समुदाय के लोगों ने की थी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
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पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लक्की मरवत शहर में स्थित एक प्राइमरी स्कूल, जो कभी हिंदू मंदिर हुआ करता था, इस समय बेहद बदहाल स्थिति में है। पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार स्कूल का भवन इतनी जर्जर हालत में है कि कभी भी गिर सकती है। स्थानीय लोगों ने प्रांतीय सरकार से अनुरोध किया है कि इस ऐतिहासिक महत्व वाली इमारत का जीर्णोद्धार किया जाए।

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एक्सप्रेस ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के अनुसार स्कूल के प्रधानाध्यापक फजल रहमान ने कहा कि देखभाल के अभाव में मंदिर के मूल दो कमरे बेहद खराब स्थिति में पहुंच गए हैं और कभी भी गिर सकते हैं। वहीं, स्कूल के लिए चार नए कमरे बने हैं, जिनका उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक महत्व की इमारत है और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसका संरक्षण होना चाहिए।

विभाजन से पहले शहर में थे चार हिंदू मंदिर
एक स्थानीय हिंदू आकाश अजीत ने कहा कि भारत और पाकिस्तान का विभाजन होने से पहले लक्की मरवत शहर में चार हिंदू मंदिर हुआ करते थे। लेकिन, विभाजन के बाद जब समुदाय के लोग भारत की और पलायन करने लगे तब इनका ध्यान रखने वाला कोई नहीं बचा। अब इनमें से तीन एतिहासिक मंदिर नष्ट हो चुके हैं। एक मंदिर बचा रहा क्योंकि उसका उपयोग स्कूल की तरह किया जाने लगा था।
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1870 में हुआ था निर्माण, 1902 में पंजीकरण
आकाश अजीत ने बताया कि इस मंदिर का निर्माण मूल रूप से साल 1870 में किया गया था। लेकिन, इसका पंजीकरण 32 साल बाद वर्ष 1902 में करवाया गया था। उन्होंने कहा, 'समुदाय ने अंतत: इसे 1902 में मंदिर के तौर पर पंजीकृत करवाया। इसके मूल दो कमरों का उपयोग कक्षाओं के लिए गोता था लेकिन बाद में चार नए कमरे बनवाए गए और उन दोनों कमरों को बंद कर दिया गया था।'

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