डेमोक्रेटिक पार्टी के अंदर ‘हिंदूफोबिया’ (हिंदुओं के प्रति नफरत) बढ़ने को लेकर अमेरिका के एक हिंदू संगठन ने चेताया है कि पार्टी नेतृत्व इस पर मूकदर्शक बना हुआ है। संगठन ने कहा है कि यदि यदि इस पर रोक नहीं लगी तो यह प्रभावशाली धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय अपना समर्थन रिपब्लिकन पार्टी को दे सकता है।
हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (एचएएफ) की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब हाल ही के कुछ सर्वेक्षणों में भारतीय-अमेरिकियों का झुकाव डेमोक्रेटिक पार्टी से रिपब्लिकन की तरफ बढ़ने के संकेत मिले हैं।
एचएएफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘मीडियम’ पर लिखा, ‘भारतीय अमेरिकी मतदाताओं से बात करने पर पता चल रहा है कि वे डेमोक्रेटिक पार्टी क्यों छोड़ रहे हैं। उनकी व्हाट्सएप बातचीत देखिए तो डेमोक्रेटिक पार्टी की तथाकथित सुपर प्रोग्रेसिव इकाई की हालिया भारत विरोधी सक्रियता का पता चलता है। इससे कैलिफोर्निया डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव कॉकस के अध्यक्ष शेरगिल जुड़े हैं।
शेरगिल पर आरोप लगाया गया कि वे इसी प्रांत के एक और राजनीतिक कार्यकर्ता पीटर फ्रीडरिक के साथ मिलकर भारतवंशियों, हिंदू सांसदों और पार्टी पदाधिकारियों के विरुद्ध अभियान चला रहे हैं। जबकि शीर्ष नेतृत्व इस पर मूकदर्शक बना हुआ है।
गबार्ड, कुलकर्णी, पद्मा कर रहे हिंदूफोबिया का सामना
हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (एचएएफ) ने आरोप लगाया कि प्रतिनिधि सभा के लिए चुनी गई पहली हिंदू सांसद तुलसी गबार्ड, टेक्सास से डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार श्रीनिवास कुलकर्णी और डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़ी पद्मा कुप्पा को पार्टी में कथित हिंदूफोबिया का सामना करना पड़ रहा है।
चीन से आया है कोरोना, भूलूंगा नहीं : ट्रंप
राष्ट्रपति और रिपब्लिकन प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूपोर्ट में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए दोहराया कि कोरोना वायरस चीन से आया है और वे इस बात को कभी नहीं भूलेंगे।
उन्होंने कहा कि यदि लोग उन्हें सत्ता में बनाए रखने के लिए वोट करते हैं तो वह चीन से देश की निर्भरता को खत्म करने की कसम खाते हैं। ट्रंप ने कहा, कोरोना के बाद बीजिंग से पहले जैसे संबंध मायने नहीं रखते हैं।
उन्होंने कहा, अमेरिकी अर्थव्यवस्था बहुत अच्छा कर रही थी लेकिन इस बीच हम पर वायरस का हमला हुआ। हम इसे भूलेंगे नहीं।