ब्लड शुगर का स्तर अधिक होने से कोरोना संक्रमितों की मौत होने का खतरा बढ़ सकता है। कोविड-19 के जिन मरीजों में मधुमेह के पिछले निदान के बिना ब्लड शुगर का स्तर बढ़ा है, उनकी मौत होने का खतरा अधिक हो सकता है। साथ ही उनमें संक्रामक बीमारी से अन्य गंभीर जटिलताओं का भी खतरा बढ़ सकता है। कोरोना संक्रमित 605 लोगों पर किए अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आए, जिनमें 114 मरीजों की मौत हो चुकी है। अध्ययन में 322 पुरुष शामिल थे।
डायबिटोलॉजिया पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, हालांकि अस्पताल में भर्ती के दौरान फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज (एफबीजी) स्तर और कोरोना संक्रमितों के क्लीनिकल निष्कर्षों के बीच सीधा संबंध सही से स्थापित नहीं किया गया है। शोधकर्ताओं ने चीन के दो अस्पतालों में भर्ती किए जाने पर एफबीजी और पहले से मधुमेह का निदान किए बिना कोविड-19 मरीजों की 28 दिन की मृत्यु दर के बीच के संबंधों की जांच की है।
अध्ययन में कहा गया, कोविड-19 के सभी मरीजों के ब्लड शुगर की जांच करने की सिफारिश की जानी चाहिए, भले ही वह पहले मधुमेह से पीड़ित नहीं हो, क्योंकि ज्यादातर संक्रमितों को ग्लूकोज मेटाबोलिक संबंधी विकार होने की आशंका रहती है।