पाकिस्तान को एक बार फिर भारत से किसी बड़े हमले का डर सता रहा है। पिछले दो दिनों से पाकिस्तानी मीडिया इस संबंध में खबरें चला रहा है। पाक अखबार ‘डॉन’ और ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने कहा है कि लगातार हमले के इनपुट को देखते हुए पाकिस्तानी सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है। हालांकि सेना ने ऐसी किसी खबर की पुष्टि नहीं की है।
डॉन अखबार ने सुरक्षा सूत्रों की हवाले से लिखा है कि भारतीय सेना नियंत्रण रेखा के पार कार्रवाई की योजना बना रही है। सुरक्षा सूत्र का दावा है कि बुधवार की रात भारत ने संघर्ष विराम का उल्लंघन भी किया है। जबकि एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने कहा है कि पाक खुफिया एजेंसियों को ऐसे संकेत मिले हैं कि भारत नई दिल्ली में किसान आंदोलन से ध्यान भटकाने के लिए ऐसी कार्रवाई कर सकता है।
‘जियो न्यूज’ ने लिखा है कि पाकिस्तान ने भारत के किसी फ्लैग ऑपरेशन या सर्जिकल स्ट्राइक की आशंका के चलते सेना को हाई अलर्ट पर रखा है। अखबार का कहना है कि भारत अपनी आंतरिक और बाहरी समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक कर सकता है।
‘द न्यूज’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत एलओसी या भारत-पाक सीमा पर सैन्य ऑपरेशन कर सकता है, इसीलिए पाक सेना हाई अलर्ट पर है।
आईएसआई कर सकती है प्रेसवार्ता
भारत के खिलाफ अक्सर प्रोपेगेंडा फैलाने वाली पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई 11 दिसंबर को इस्लामाबाद में एक प्रेसवार्ता आयोजित करके एलओसी की स्थिति पर चर्चा कर सकती है। बता दें कि भारत द्वारा बालाकोट में की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से पाकिस्तान में अक्सर ऐसे हाई अलर्ट जारी होते रहते हैं।
असली मुद्दों से ध्यान भटका सकता है पाक
इमरान खान की सरकार इन दिनों विपक्षी दलों के गठबंधन पीडीएम (पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट) की रैली से काफी परेशान है। यह गठबंधन रविवार को लाहौर में बड़ी रैली करने जा रहा है।
उधर, 31 दिसंबर तक सभी विपक्षी सांसद और विधायक इस्तीफा देने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में इमरान सरकार दबाव में आकर भारत के खिलाफ माहौल बना सकती है ताकि देश का ध्यान असली मुद्दों से हटाया जा सके।
सांसद अजमा बुखारी ने दिया इस्तीफा
नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन की सांसद अजमा बुखारी ने पंजाब की प्रांतीय असेंबली से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे में कहा कि देश में 2018 के आम चुनाव ज्ञात-अज्ञात लोगों द्वारा डिजाइन किए गए। उन्होंने 11 दलों के गठबंधन (पीडीएम) द्वारा की गई अपील के बाद पार्टी नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौंपा। पीडीएम ने सभी दलों के सांसदों-विधायकों से 31 तक इस्तीफा देने की अपील की है।