इस्राइल हमास के बीच युद्ध जारी है, जिसमें अब तक साढ़े 10 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच आतंकवादी संगठन हिजबुल्लाह ने इस्राइल को धमकाया है। हिजबुल्लाह प्रमुख ने इस्राइल को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यहूदी देश ने दोबारा लेबनान पर हमला किया तो यह उसकी मूर्खतापूर्ण गलती होगी।
इस्राइली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्ला ने शुक्रवार को कहा कि मैं इस्राइल सरकार को साफ करना चाहता हूं कि यदि वह लेबनान के खिलाफ हमले का विचार कर रहे हैं तो यह उनके अब तक के इतिहास की सबसे बड़ी गलती होगी। उन्होंने कहा कि गाजा में हमास की जीत सिर्फ फलस्तीनी नागरिकों की जीत होगी न कि ईरान या फिर मुस्लिम समुदाय की। उसने कहा कि युद्ध में हमास का साथ देना उसके संगठन का कर्तव्य है।
युद्ध में हिजबुल्लाह के 57 लड़ाके ढेर
इसके अलावा, हिजबुल्लाह प्रमुख ने अरब देशों से आग्रह किया है कि वे इस्राइल के तेल निर्यात को रोक दें। प्रमुख का कहना है कि हम आठ अक्तूबर से लड़ाई में शामिल हैं। हमास के साथ इस्राइल के खिलाफ हमारे लड़ाके लड़ रहे हैं। युद्ध में अब तक हमारे 57 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, आईडीएफ प्रवक्ता, रियर एडमिरल डैनियल हगारी का कहना है कि हम बोलकर नहीं बल्कि अपनी सैन्य कार्रवाई से देंगे।
जानिए, क्या है हिजबुल्लाह
हिजबुल्ला एक शिया आतंकी संगठन है, जिसे ईरान समर्थन और सहयोग देता है। इसे 1975 से 90 तक चले लेबनान गृहयुद्ध की उपज माना जाता है। 1982 में ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने इसकी स्थापना की। इसका लक्ष्य ईरान में हुई इस्लामी क्रांति दूसरे देशों में फैलाना और लेबनान में लड़ रही इस्राइली सेना के खिलाफ एक संगठन खड़ा करना था।
हमले के यह तीन कारण
हमास ने कहा कि ये यरूशलम में अल-अक्सा मस्जिद को इस्राइल की तरफ से अपवित्र करने का बदला है। हमास ने कहा कि इस्राइली पुलिस ने अप्रैल 2023 में अल-अक्सा मस्जिद में ग्रेनेड फेंक इसे अपवित्र किया था। इस्राइली सेना लगातार हमास के ठिकानों पर हमले कर रही है और अतिक्रमण कर रही है। इस्राइली सेना हमारी महिलाओं पर हमले कर रही है। हमास के प्रवक्ता गाजी हमाद ने अरब देशों से अपील है कि इस्राइल के साथ अपने सभी रिश्तों को तोड़ दें। हमाद ने कहा कि इस्राइल एक अच्छा पड़ोसी और शांत देश कभी नहीं हो सकता है।