हिजबुल्ला प्रमुख नईम कासिम ने सोमवार को एक बार फिर इस्राइल से सीधी बातचीत से इनकार किया। कासिम ने कहा कि संगठन इस्राइली आक्रामकता के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेगा। अल जजीरा की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
हिजबुल्ला प्रमुख नईम कासिम ने क्या कहा?
कासिम ने कहा, इस्राइल से सीधी बातचीत का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि हिजबुल्ला अपने हथियार नहीं डालेगा और उसकी मुकाबले के लिए पूरी तैयारी है। उन्होंने लेबनान सरकार की आलोचना भी की। कासिम ने कहा, सरकार ने बेवजह जल्दबाजी में (इस्राइल को) रियायत दी है। उन्होंने कहा कि वह सीधी बातचीत को पूरी तरह खारिज करते हैं। सरकार को अप्रत्यक्ष बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए।
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दक्षिण लेबनान में हमलों पर आईडीएफ ने क्या कहा?
इस बीच, इस्राइल रक्षा बल (आईडीएफ) ने कहा कि उसके सैनिकों ने रविवार को दक्षिण लेबनान में तत्काल खतरे को निशाना बनाया। आईडीएफ के मुताबिक, सैनिकों ने तीन लोगों को देखा जो उनके अभियान वाले इलाके के पास आ रहे थे और खतरा पैदा कर रहे थे। इसके बाद इस्राइली वायुसेना ने उन्हें मार गिराया।
आईडीएफ ने यह भी कहा, हिजबुल्ला के ठिकानों पर अतिरिक्त हमले किए गए। इसमें बिंत जबैल सेक्टर के मुख्यालय समेत कई सैन्य ढांचे शामिल थे। हमलों के बाद वहां विस्फोट भी हुए, जिससे संकेत मिला कि इलाके में हथियार मौजूद थे। आईडीएफ ने दोहराया कि वह इस्राइली नागरिकों और सैनिकों की सुरक्षा के लिए इस तरह की कार्रवाई जारी रखेगा।
इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने क्या कहा?
■ इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने आरोप लगाया कि लेबनान में युद्धविराम हिज्बुल्लाह की वजह से कमजोर हो रहा है।
■ नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइली सेना लेबनान में सक्रिय है और जरूरत पड़ने पर ताकत से जवाब देगी।
■ उन्होंने कहा कि इस्राइल की प्राथमिक जिम्मेदारी अपने नागरिकों, सैनिकों और उत्तरी सीमा के निवासियों की सुरक्षा है।
■ उन्होंने कहा कि इस्राइली सेना तय नियमों के साथ अमेरिका और लेबनान के साथ मिलकर काम कर रही है।
ट्रंप ने की थी युद्धविराम को बढ़ाने की घोषणा
इससे पहले, 23 अप्रैल को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइल और लेबनान के बीच युद्धविराम को तीन हफ्तों के लिए बढ़ाने की घोषणा की थी। ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका लेबनान को हिज्बुल्ला से सुरक्षा देने में मदद करेगा।