इससे पहले बीते मंगलवार को तालिबान ने एक प्रेस वार्ता में अपने भविष्य के शासन का खाका दुनिया के सामने पेश किया था। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने अफगानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी बताया और साफ किया कि वह महिलाओं के साथ कोई भेदभाव करने वाला नहीं है।
मुजाहिद ने कहा था कि पहले के तालिबान और अब के तालिबान में अंतर है। तालिबान इस्लाम के आधार पर महिलाओं को उनके अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है। महिलाएं स्वास्थ्य और अन्य ऐसे क्षेत्रों में काम कर सकती हैं, जहां जरूरत है। महिलाओं के खिलाफ भेदभाव नहीं होगा। अब हम अनुभवी हैं और अलग नजरिया रखते हैं।
तालिबान के प्रवक्ता ने पड़ोसी देशों को भी आश्वासन दिया था कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ नहीं किया जाएगा। जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा था, 'हम अपने पड़ोसी और क्षेत्रीय देशों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि हम अपनी जमीन का इस्तेमाल दुनिया के किसी भी देश के खिलाफ नहीं होने देंगे।