जाधव पर आए फैसले पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत के पक्ष में आए फैसले का हम इसका स्वागत करते हैं। अदालत ने 15-1 से भारत के पक्ष में फैसला सुनाया है। साथ ही कहा है कि पाकिस्तान ने कई बार विएना समझौते का उल्लंघन किया है।
आज फैसले को पढ़ते हुए अदालत के अध्यक्ष जज अब्दुलकावी अहमद यूसुफ ने कुलभूषण सुधीर जाधव को दोषी ठहराये जाने और सजा पर फिर से विचार करने का आदेश दिया।
आईसीजे के जज यूसुफ के नेतृत्व में 15 सदस्यीय पीठ ने भारत और पाकिस्तान की मौखिक दलीलों को सुनने के बाद 21 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रखा था। मामले की कार्यवाही पूरी होने में दो साल दो महीने का समय लगा।
भारत ने जाधव तक बार-बार कंसुलर एक्सेस नहीं मिलने पर पाकिस्तान द्वारा वियना समझौते के प्रावधानों का जबरदस्त उल्लंघन करने के लिए आठ मई, 2017 को आईसीजे का रुख किया था।
मौत की सजा मिली है
बता दें कि अप्रैल 2017 में जासूसी और आतंकवाद का आरोप लगाते हुए पाक की एक सैन्य अदालत ने कुलभूषण जाधव को मौत की सजा सुनाई थी। भारत इस फैसले के साथ आईसीजे के पास गया था। आईसीजे ने जाधव की सजा पर रोक लगा दी थी।
जानकारी के अनुसार, फैसले को सुनने के लिए अटॉर्नी जनरल के नेतृत्व में पाकिस्तानी टीम नीदरलैंड के हेग पहुंच गई है। टीम में पाकिस्तान विदेश कार्यालय के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद फैसल भी शामिल हैं। भारत ने वियना संधि के प्रावधानों का पाकिस्तान द्वारा घोर उल्लंघन किए जाने को लेकर मई 2017 में आईसीजे का रुख किया था। दरअसल, पाक ने जाधव को भारत द्वारा दूतावासीय मदद मुहैया कराने की इजाजत देने से बार-बार इनकार किया था।
सुनवाई पूरी होने में लगा दो साल और दो महीने का वक्त
‘प्रेसीडेंट ऑफ द कोर्ट’ न्यायाधीश अब्दुलकावी अहमद यूसुफ सार्वजनिक सुनवाई के दौरान फैसला पढ़ेंगे। सुनवाई नीदरलैंड के द हेग स्थित पीस पैलेस में बुधवार को भारतीय समयानुसार शाम 6.30 बजे होगी। इस हाई प्रोफाइल मामले में फैसला आने के करीब पांच महीने पहले न्यायाधीश यूसुफ के नेतृत्व में आईसीजे की 15 सदस्यीय पीठ ने भारत और पाकिस्तान की मौखिक दलीलें सुनने के बाद 21 फरवरी को आदेश सुरक्षित रख लिया था। मुकदमे की सुनवाई पूरी होने में दो साल और दो महीने का वक्त लगा।
पाकिस्तान विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कहा कि पाकिस्तान ने आईसीजे के समक्ष मुकदमा पूरी तरह से लड़ा। पाक की सरकारी समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान ने उनके हवाले से कहा, ‘पाकिस्तान अच्छे फैसले की उम्मीद कर रहा है और वह आईसीजे के फैसले को स्वीकार करेगा।’