अमेरिका में ‘हेट क्राइम’ की संख्या एक दशक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। हेट क्राइम उन अपराधों कहा जाता है जो किसी सामाजिक, धार्मिक, नस्लीय, जातीय या खास यौन रूझान वाले समूह के खिलाफ फैलाई गई नफरत की भावनाओं के कारण होते हैं। अमेरिका में हेट क्राइम के बारे में एक रिपोर्ट वहां की संघीय जांच एजेंसी- एफबीआई ने सोमवार को जारी की। एफबीआई ने 1990 के दशक में हेट क्राइम का डाटा इकट्ठा करना शुरू किया था। उसका कहना है कि 2019 में किसी समूह के प्रति नफरत के कारण होने वाली हत्याओं की संख्या सबसे ज्यादा रही।
एफबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक 2019 में अमेरिका में हुई 51 हत्याओं को हेट क्राइम की श्रेणी में रखा गया है। इनमें 22 वे हत्याएं भी हैं, जो टेक्सास राज्य के एल पासो शहर में वॉलमार्ट स्टोर में हुई अंधाधुंध गोलीबारी के दौरान हुई थीं। उस घटना में लगभग 25 लोग घायल भी हुए थे। एफबीआई के मुताबिक उस कांड को अंजाम देने वाले अपराधी का मकसद यह था कि मेक्सिको से आए आव्रजक डर कर अमेरिका से भाग जाएं।
एफबीआई के मुताबिक पिछले साल अमेरिका में हेट क्राइम की 7,314 घटनाएं हुईं। 2018 में ऐसी 7,120 घटनाएं हुई थीं। आंकड़ों से जाहिर होता है कि पिछले साल धर्म आधारित हेट क्राइम में सात फीसदी का इजाफा हुआ। ऐसी घटनाओं में ज्यादातर यहूदी लोगों या यहूदी संस्थानों को निशाना बनाया गया। लेकिन अच्छी बात यह रही कि एक साल पहले की तुलना में अफ्रीकन-अमेरिकन समुदाय के खिलाफ नफरत भरे अपराध की वारदात में मामूली गिरावट आई।
2018 में 1943 घटनाएं हुई थीं, जबकि 2019 में ये संख्या 1,930 रही। लेकिन हिस्पैनिक (स्पेनिश भाषी) समुदायों के खिलाफ हेट क्राइम बढ़ा। विशेष यौन रूझान वाले लोगों के खिलाफ अपराध में मामूली बढ़ोतरी हुई। 2018 की तुलना में 2019 में समलैंगिकों के खिलाफ हेट क्राइम की 20 ज्यादा घटनाएं हुईं।
लेकिन गैर-सरकारी संगठनों का कहना है कि एफबीआई की रिपोर्ट से अमेरिका में असल में हो रहे हेट क्राइम की पूरी तस्वीर सामने नहीं आई है। ऐसी ही एक संस्था- एंटी डिफेमेशन लीग ने सरकारी एजेंसियों से कहा है कि वे हेट क्राइम के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के तरीके और तंत्र में सुधार करें। अभी सिर्फ उन अपराधों का डेटा ही सामने आता है, जिसके बारे में लोग खुद पुलिस के पास जाकर रिपोर्ट दर्ज कराते हैं। इससे देश में जो हेट क्राइम हो रहे हैं, उसकी पूरी तस्वीर सामने नहीं आती।
एनजीओज के इस दावे की पुष्टि मीडिया संगठनों के अपने अध्ययन से भी होती है। समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (एपी) के 2016 के एक अध्ययन से सामने आया था कि 2,700 से ज्यादा पुलिस और काउंटी (जिला) अधिकारियों ने गुजरे छह वर्षों से एफबीआई को हेट क्राइम के किसी मामले की सूचना नहीं दी थी।
अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों में वकीलों से हवाले से कहा गया है कि हेट क्राइम का शिकार ज्यादातर कमजोर तबकों के लोग होते हैं, जिनके लिए रिपोर्ट दर्ज कराना बहुत कठिन होता है। जब तक ये रुकावटें दूर नहीं होतीं, हेट क्राइम की पूरी तस्वीर सामने नहीं आएगी।
फिलहाल जो तस्वीर सामने आई है, वह भी कम चिंताजनक नहीं है। सदर्न पॉवर्टी लॉ सेंटर नामक एक एनजीओ ने कहा है कि एफबीआई की ताजा रिपोर्ट ने हमें फिर याद दिलाया है कि अमेरिका में नफरत को खत्म करने के लिए अभी कितने प्रयास किए जाने बाकी हैं।