हसीना ने कहा कि बांग्लादेश और भारत के बीच संबंध दुनिया के लिए अच्छे पड़ोसी होने का एक रोल मॉडल है और इसी कारण दोनों देशों के बीच बहुआयामी सहयोग है। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि यह सहयोग जारी रहेगा।
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दशक में, दोनों देशों ने विभिन्न पारंपरिक और अपरंपरागत क्षेत्रों जैसे सुरक्षा, बिजली, व्यापार और वाणिज्य, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे के विकास, पर्यावरण, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, संस्कृति और स्वास्थ्य में सहयोग पर उल्लेखनीय प्रगति देखी है।
दोनों प्रधानमंत्री ढाका और नई दिल्ली में अपने कार्यालयों से वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए और ई-पट्टिकाओं का अनावरण कर चार परियोजनाओं का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया।
सोमवार को शुरू की गई चार परियोजनाओं में बांग्लादेश सड़क परिवहन निगम (क्रेडिट की दूसरी लाइन के तहत) को डबल डेकर और सिंगल डेकर एसी और नॉन-एसी बसों और ट्रकों की आपूर्ति, भारत सरकार की सहायता से भारत की सीमा से लगे पांच उत्तर और उत्तरपूर्वी बांग्लादेश के जिलों में 36 सामुदायिक क्लीनिकों, दो दक्षिण-पश्चिमी शहरों में 11 जल शोधन संयंत्रों की स्थापना और बांग्लादेश के लिए भारत के राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क (एनकेएन) का विस्तार शामिल है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री ए के अब्दुल मोमिन और भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बात की।