यह महज संयोग है कि विदेश से एक ही दिन भारत और भारतीयों की उपलब्धियों की कई खबरें आईं। हत्या, बलात्कार से लेकर राजनीति में गिरावट की नकरात्मक सूचनाओं की बमबारी के बीच इन खबरों से सचमुच में देश का सम्मान बढ़ता है और देशवाशियों का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है।
एक दशक तक सबसे तेज रफ्तार अर्थव्यवस्था
चीन और अमेरिका को पछाड़ते हुए अगले एक दशक तक भारत दुनिया की सबसे तेज रफ्तार से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं का सिरमौर बना रहेगा। इस दौरान उसकी आर्थिक विकास दर औसतन 7.9 फीसदी रहेगी। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट की एक रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया है। रिपोर्ट के अनुसार 2026 तक चीन की औसत विकास दर 4.9 फीसदी, अमेरिका की तीन फीसदी और फ्रांस की साढ़े तीन फीसदी रहेगी।
भारत के चोटी पर रहने के कारण
- केमिकल, वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात के नए क्षेत्रों में दबदबा
- उसकी उत्पादन क्षमता उसके मौजूदा आय स्तर से कई गुना ज्यादा
- मौजूदा संसाधनों को नए क्षेत्र में मोड़ने में नंबर वन की हैसियत
सामने चुनौतियां भी हैं
- निर्यात के जिन तीन नए क्षेत्रों में भारत को बढ़त हासिल है उनका केंद्र मेट्रो शहरों में है। इसे निचले स्तर पर ले जाने की भारत की क्षमता आने वाले वर्षों में उसकी आर्थिक वृद्धि दर को प्रभावित करेगी।
सबको बिजली मुहैया कराने की योजना की तारीफ
विश्व बैंक ने भारत के विद्युतीकरण योजना की तारीफ करते हुए कहा है कि 85 फीसदी आबादी को बिजली की सुविधा मुहैया करवाकर उसने शानदार काम किया है। वर्ष 2010 से 2016 के बीच भारत ने हर साल तीन करोड़ लोगों को बिजली कनेक्शन उपलब्ध करवाया है।
बैंक की अर्थशास्त्री विवियन फोस्टर ने कहा कि दूसरे देशों की तुलना में भारत का इस क्षेत्र में काम काफी अच्छा है, लेकिन अभी सही मायने में सभी को बिजली की सप्लाई देना एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य है क्योंकि कनेक्शन का होना बिजली की उपलब्धता की गारंटी नहीं है।
सिंगापुर में अठारह साल की राघवी के प्रोजेक्ट को मिला अवार्ड
चेन्नई में जन्मी 18 साल की विजयकुमार राघवी ने ए स्टार टैलेंट सर्च अवार्ड जीता है। उन्हें स्टेम सेल टेक्नोलॉजी के जरिए ब्लड सैंपल से हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी नामक अनुवांशिक हृदय रोग का पता लगाने की परियोजना के लिए इस पुरस्कार से नवाजा गया है। उन्हें नकद पुरस्कार के अलावा विदेश में कांफ्रेंस में भाग लेने का मौका और सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
इस बीमारी में दिल की धड़कन या तो तेज हो जाती है या धीमी। अभी इसका पता लगाने के बायोप्सी करनी पड़ती है जो एक जटिल प्रक्रिया है। इसमें हृदय का एक हिस्सा निकालकर प्रयोगशाला में जांच करनी होती है।
अमेरिका में भारतीय मूल की महिलाओं को अहम जिम्मेदारी
भारतीय मूल की वकील दीपा आंबेडकर को न्यूयॉर्क सिटी के सिविल कोर्ट में अंतरिम जज नियुक्त किया गया है। चेन्नई में जन्मी राज राजेश्वरी के बाद इस पद पर आसीन होने वाली वह दूसरी भारतीय महिला हैं। 41 वर्षीय आंबेडकर को कानून के क्षेत्र में लंबा अनुभव है। वे जज के रूप में क्रिमिनल कोर्ट का कामकाज देखेंगी।
निशा अग्रवाल न्यूयॉर्क मेयर की सलाहकार नियुक्त
निशा अग्रवाल को न्यूयॉर्क मेयर कार्यालय में सलाहकार नियुक्त किया गया है। पेशे से वकील अग्रवाल की नियुक्ति की घोषणा न्यूयॉर्क के मेयर ब्लिस द ब्लेजियो ने की। 40 वर्षीय अग्रवाल डिप्टी मेयर की वरिष्ठ सलाहकार होंगी। हाशिये पर रह रहे लोगों को न्याय दिलाने की उनकी मुहिम के कारण उनकी पहचान एक साहसी और प्रतिबद्ध वकील के रूप में है।