अमेरिकी राजदूत हैरी हेरिस मूंछ कटवाने के बाद
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मूंछें हो तो नत्थूलाल जी जैसी। बॉलीवुड का यह एक बड़ा चर्चित संवाद है। पर क्या किसी राजदूत की मूंछें दो देशों के सैन्य संबंधों को बिगाड़ सकती हैं। सुनने में यह आश्चर्यजनक है, पर ये मूछें अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच तनाव का कारण बन गईं। अब विवाद को शांत करने के लिए अमेरिकी राजदूत को अपनी मूंछ कुर्बान करनी पड़ी हैं।
ये मामला दक्षिण कोरिया का है। क्लीनशेव करा लेने के बाद उम्मीद की जा रही है कि मूंछों को लेकर विवाद थम जाएगा। दक्षिण कोरिया और अमेरिका के संबंध तल्ख हैं। जनवरी में कोरियाई प्रायद्वीप में जारी तनाव के बीच राजधानी सियोल में तैनात अमेरिकी राजदूत हैरिस की मूछों का मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया था।
अमेरिकी नौसेना के एडमिरल रह चुके हैरिस पर यह आरोप थे कि उन्होंने एक खास अंदाज में मूछें रखकर मेजबानों का अपमान किया है। दरअसल, हैरिस की मूछों का अंदाज औपनिवेशिक दौर में सभी आठों जापानी गवर्नर जनरल की मूछों जैसा था। दरअसल, साल 1910 से 1945 तक कोरियाई प्रायद्वीप पर जापान का शासन रहा है। उस वक्त वहां आठ गवर्नर जनरल तैनात थे। तब से जापान को लेकर आज भी दक्षिण कोरिया में बेहद गुस्सा है। उस दौर के जनरल जैसी मूछें कोरिया को पसंद नहीं आईं।
क्लीनशेव का वीडियो अपलोड कर बोले- मास्क पहनने में दिक्कत आ रही थी
दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच विवाद के केंद्र में हैरिस रहे। यहां तक कि उनकी मूछें भी बहस के केंद्र में आ गई थीं। पिछले सप्ताह हैरिस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया, जिसमें उन्हें एक पारंपरिक कोरियाई सैलून में क्लीनशेव होते हुए देखा जा सकता है। हालांकि हैरिस ने कहा है कि सियोल की गर्मियों में कोरोना महामारी की वजह से मास्क पहनने में समस्या आ रही थी, इसलिए उन्होंने क्लीनशेव कराने का फैसला किया है।