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Hanta virus Outbreak: 'कोविड-19 जैसी महामारी नहीं बनेगा हंता वायरस', WHO के प्रमुख डॉ. घेब्रेयसस ने किया दावा

Sat, 09 May 2026 07:02 PM IST
Devesh Tripathi वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

डब्लूएचओ द्वारा की गई एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा गया है कि हंतावायरस संक्रमण को लेकर कहा है कि आगे और मामले सामने आ सकते हैं, लेकिन इसके कोविड जैसी वैश्विक महामारी बनने की आशंका नहीं है।
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टेड्रोस अधनोम घेब्रेयसस - फोटो : ANI
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विस्तार
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने साफ किया है कि एमवी होंडियस जहाज पर हंता वायरस का प्रकोप कोविड-19 जैसी महामारी का रूप नहीं लेगा। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि वर्तमान में इससे जन स्वास्थ्य को होने वाला जोखिम कम है। संगठन के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधनोम घेब्रेयसस ने शुक्रवार को एक संदेश में कहा कि वे लोगों की चिंताओं को समझते हैं, लेकिन यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि यह कोविड-19 जैसा संकट नहीं है।
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डॉ. घेब्रेयेसस ने कहा, "2020 का दर्द अभी भी वास्तविक है और मैं इसे एक पल के लिए भी खारिज नहीं करता। लेकिन आपको मुझे स्पष्ट रूप से सुनने की आवश्यकता है: यह एक और कोविड नहीं है। हंता वायरस से वर्तमान सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम कम बना हुआ है। मेरे सहयोगियों और मैंने इसे स्पष्ट रूप से कहा है और मैं इसे अभी आपको फिर से कहूंगा।"

स्थिति गंभीर, लेकिन फिलहाल किसी में नहीं दिख रहे लक्षण :WHO
एमवी होंडियस जहाज पर हंता वायरस का एंडीज स्ट्रेन पाया गया है। अब तक कुल आठ हंता वायरस मामले सामने आए हैं, जिनमें तीन मौतें भी शामिल हैं। डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने स्वीकार किया कि यह स्थिति गंभीर है और तीन लोगों की जान जा चुकी है, जिसके लिए उन्होंने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में जहाज पर कोई भी लक्षण वाले यात्री सवार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एक डब्ल्यूएचओ विशेषज्ञ जहाज पर मौजूद है, साथ ही आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति भी उपलब्ध है।
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स्पेन के अधिकारियों ने एक विस्तृत योजना तैयार की है। इसके तहत, यात्रियों को आवासीय क्षेत्रों से दूर ग्रैनाडिला के औद्योगिक बंदरगाह पर ले जाया जाएगा। उन्हें सील बंद और सुरक्षित वाहनों में एक पूरी तरह से अवरुद्ध गलियारे से होते हुए सीधे उनके गृह देशों में वापस भेजा जाएगा। डॉ. घेब्रेयेसस ने स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज को इस जहाज को अपने बंदरगाह पर लाने के उनके फैसले के लिए धन्यवाद दिया।

स्पेन का जताया आभार
उन्होंने इसे एकता और नैतिक कर्तव्य का कार्य बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि डब्ल्यूएचओ का स्पेन से अनुरोध मनमाने ढंग से नहीं किया गया था, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियमों के पूर्ण अनुपालन में था।

उन्होंने बताया कि 23 देशों के लगभग 150 लोग कई हफ्तों से जहाज पर थे, जिनमें से कुछ शोक में थे, सभी भयभीत थे और घर लौटने की इच्छा रखते थे। टेनेरिफ को इसलिए चुना गया, क्योंकि वहां चिकित्सा क्षमता, बुनियादी ढांचा और मानवता है जो उन्हें सुरक्षा तक पहुंचने में मदद कर सके। जहाज के कप्तान, चालक दल और संचालन कंपनी ने इस चुनौतीपूर्ण समय में सराहनीय सहयोग दिखाया है। डब्ल्यूएचओ ने इस घटना से वैश्विक आबादी के लिए जोखिम को कम आंका है और वह महामारी विज्ञान की स्थिति की निगरानी जारी रखेगा।
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