इस्राइल और हमास के बीच युद्धविराम के पांचवे दिन 12 बंधकों की रिहाई हुई। इस्राइल सुरक्षा बल ने रेडक्रॉस के सामने बंधकों की रिहाई की पुष्टि की। बता दें, इस्राइल और हमास के बीच बंधकों की रिहाई के लिए समझौता हुआ है। समझौते के तहत इस्राइल जेल में बंद फलस्तीनी लोगों को छोड़ेगा, जिसके बदले हमास इस्राइली बंधकों को रिहा करेगा।
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने बताया कि युद्धविराम के पांचवे दिन इस्राइल ने 30 फलस्तीनी लोगों को रिहा किया, जिसके बदले हमास ने 12 बंधकों को अपनी कैद से मुक्त कर दिया। 52 दिन बाद बंधक अपने परिवार से मिलेंगे। बता दें, 12 बंधकों में 10 इस्राइली नागरिक और दो थाईलैंड के नागरिक शामिल हैं। अंसारी के मुताबिक, 10 इस्राइली नागरिकों में नौ महिलाएं और एक नाबालिग शामिल है। वहीं, तीन इस्राइली नागरिकों के पास दोहरी नागरिकता है- एक के पास फिलीपींस की तो दो लोगों के पास अर्जेंटीना की।
युद्ध विराम आगे बढ़ाने के लिए सहमति
एक दिन पहले, इस्राइल-हमास के बीच मध्यस्थता की भूमिक निभा रहे कतर ने कहा कि दोनों ने युद्ध विराम को बढ़ाने के लिए सहमति जताई है। इस दौरान बंधकों की रिहाई संभव है। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने कहा कि गाजा में मानवीय संघर्ष को दो दिन और बढ़ाने के लिए सहमति बनी है। इस्राइली मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कतर की घोषणा का मतलब है कि कम से कम दस और इस्राइली बंधकों को मंगलवार (पश्चिम एशिया के स्थानीय समय के मुताबिक) रिहा किया जाएगा। अन्य दस बंधकों को बुधवार को रिहा किया जाएगा। इसी के साथ हर दिन इस्राइल 30 फलिस्तीनी कैदियों को भी रिहा करेगा।
हमले के यह तीन कारण
हमास ने कहा कि ये यरूशलम में अल-अक्सा मस्जिद को इस्राइल की तरफ से अपवित्र करने का बदला है। हमास ने कहा कि इस्राइली पुलिस ने अप्रैल 2023 में अल-अक्सा मस्जिद में ग्रेनेड फेंक इसे अपवित्र किया था। इस्राइली सेना लगातार हमास के ठिकानों पर हमले कर रही है और अतिक्रमण कर रही है। इस्राइली सेना हमारी महिलाओं पर हमले कर रही है। हमास के प्रवक्ता गाजी हमाद ने अरब देशों से अपील है कि इस्राइल के साथ अपने सभी रिश्तों को तोड़ दें। हमाद ने कहा कि इस्राइल एक अच्छा पड़ोसी और शांत देश कभी नहीं हो सकता है।