हमास ने कतर में इस्राइल के साथ फलस्तीनी समूह की हुई बैठक के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। हमास की ओर से कहा गया कि दो दिनों की बातचीत के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा प्रस्तुत गाजा युद्धविराम के लिए इस्राइल की नई शर्तों का विरोध करते हैं।
वहीं गाजा पट्टी में इस्राइल और हमास के बीच 10 महीने से चले रहे युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने पर अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने कहा था कि हम युद्धविराम के लिए पहले से कहीं ज्यादा करीब हैं। मध्यस्था करने वाले अमेरिका सहित अन्य देशों ने भी कहा कि दोहा में दो दिनों की बातचीत काफी गंभीर और सकारात्मक रही है।
31 जुलाई को ईरान में एक हमले में हमास के नेता इस्माइल हानिया की हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद से ईरान की जवाबी कार्रवाई की धमकियों के बीच मध्य पूर्व में युद्ध की आशंका पैदा हो गई। इसलिए अमेरिका अपने यूरोपीय साथियों के साथ गाजा में युद्ध विराम पर जोर दे रहा है।
हमास ने कई शर्तों पर जताई आपत्ति
सूत्रों की मानें तो जिन शर्तों पर हमास ने आपत्ति जताई थी, उनमें मिस्र के साथ सीमा पर गाजा के अंदर इस्राइल सैनिकों को रखना, इस्राइली बंधकों के बदले फलस्तीनी कैदियों पर इस्राइल के लिए वीटो अधिकार और कुछ कैदियों को गाजा भेजने के बजाय निर्वासित करने की शर्तें शामिल हैं।
मंथन के बाद नहीं बनी सहमति
दो दिनों के मंथन के बाद भी कोई सहमति नहीं बन पाई है। इस वार्ता में इस्राइल के खुफिया प्रमुख डेविड बार्निया, अमेरिका और मिस्त्र के समकक्षों के साथ शामिल हुए थे। अब सभी पक्ष युद्ध को रोकने के लिए अगले सप्ताह फिर से वार्ता करेंगे।
पीएम मोदी की नेतन्याहू से फोन पर बात
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुक्रवार को अपने इस्राइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के साथ फोन पर बातचीत हुई। पीएम मोदी ने इस दौरान पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही सभी बंधकों की तत्काल रिहाई और मानवीय सहायता जारी रखने की बात दोहराई।