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तीन साल से रच रहा था साजिश: हमाम का निकला अलकायदा कनेक्शन, प्रतिबंध के बावजूद कट्टरपंथी कैसे बना सह-पायलट?

Mon, 05 Oct 2026 09:12 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी अमर उजाला डेस्क, नई दिल्ली

सार

तीन साल पहले हमाम अल-हमामी के कट्टरपंथी समूहों से प्रभावित होने के संकेत मिले थे। जिसके बाद उसकी उड़ान ट्रेनिंग रोक दी गई थी। अब सोशल मीडिया पोस्ट से उसके अलकायदा कनेक्शन और इस्राइली विमानों पर नजर रखने की बात सामने आई है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि इन संकेतों के बावजूद वह दोबारा सह-पायलट कैसे बना?

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पहले रोकी गई ट्रेनिंग, फिर कैसे बना पायलट? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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ओमानी सह-पायलट हमाम-अल-हमामी इस्राइली विमानों पर हमले की साजिश तीन साल पहले से रच रहा था। उसे तीन साल पहले अलकायदा से प्रभावित प्रचार सामग्री और इस्राइली विमानों को निशाना बनाने की योजना के साथ पकड़ा गया था। उस वक्त उसका प्रशिक्षण तभी रोका गया था लेकिन आतंकी गुट से जुड़े होने के संकेत मिलने के बाद भी उसने इस्राइल के लिए उड़ान भरने की अनुमति हासिल कर ली। वह अलकायदा के कितने नजदीक था इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि संगठन ने हमाम की तारीफ करते हुए कहा है कि-जंग अभी खत्म नहीं हुई।
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ओमान के 29 वर्षीय नागरिक हमाम अल हम्मामी ने पहले 2024 में ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन के साथ एक प्रशिक्षु के रूप में काम किया था, लेकिन सीरिया में बिताए समय के दौरान कट्टरपंथी समूहों से प्रभावित होने की चिंताओं के चलते उसे उड़ान सेवाओं से हटा दिया गया था। इसके बाद उसे ओमान एयर में प्रशासनिक नौकरी में स्थानांतरित कर दिया गया था। एजेंसी

पोस्ट ने जाहिर कर दी मंशा
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, हमले के नौ घंटे बाद अल हमामी की पहचान से मेल खाने वाले एक लिंक्डइन पेज पर दो पोस्ट किए गए। पहला पोस्ट बोइंग 737 मैक्स विमान के कॉकपिट में फिल्माए गए क्लिप्स की एक शृंखला थी। दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जियोलोकेट किए गए एक क्लिप में इस्राइली एयरलाइन एल अल के एक विमान को जूम करके दिखाया गया था।
  •  कॉकपिट स्क्रीन पर फ्लाइट नंबर, ओएमए 624 और तारीख 11 अक्तूबर 2023 दिख रही थी, जो उस समय से मेल खाती है जब अल हमामी ओमान एयर में काम करता था। यह फ्लाइट नंबर आमतौर पर दुबई से मस्कट जाने वाली फ्लाइट का है।
  • अन्य क्लिप्स में एल अल के और विमान और एक अन्य इस्राइली एयरलाइन आर्किया का विमान दिखाया गया था। यह पोस्ट ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद अल कायदा का नेतृत्व करने वाले अयमान अल-जवाहिरी की तस्वीर और 2009 के आत्मघाती बम विस्फोट में नौ लोगों को मारने वाले हम्मम खलील अबू-मुलाल अल-बलवी की तस्वीर के साथ समाप्त होता है।
फ्लाईदुबई ने नौकरी देने से पहले सामान्य सुरक्षा जांच की
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एक खाड़ी राजनयिक ने पुष्टि की है कि काम पर रखे जाने से पहले उसकी सामान्य सुरक्षा जांच की गई थी, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि ये जांच इस बात पर केंद्रित थीं कि क्या उसे किसी आपराधिक आरोप में दोषी ठहराया गया था, और कट्टरपंथ के संकेतों के लिए उसकी पृष्ठभूमि की गहराई से जांच नहीं की गई। अल हमामी का जन्म यूएई में हुआ था और उसकी मां सीरियाई हैं। पिता की वजह से उसे ओमानी नागरिकता प्राप्त हुई थी।

मेडे कॉल की अनदेखी...सऊदी ने टरकाया, जॉर्डन ने नहीं उतरने दिया
क्रू की मेडे कॉल सुनने वाले व्यक्ति ने नाम  न छापने की शर्त पर बताया कि पायलट की आवाज कांप रही थी जब उसने मेडे कहा और बताया कि अपहरण हो रहा है और एंबुलेंस की आवश्यकता होगी। लेकिन सऊदी अरब ने शुरुआत में लैंडिंग की अनुमति देने से इन्कार कर दिया और उसे जॉर्डन जाने का निर्देश दिया। विमान वहां भी नहीं उतरने दिया गया। इसके बाद पायलट सऊदी अरब वापस लौटा और कहा कि उसे तबूक में उतरना ही होगा। 

ब्रिटेन से एविएशन मैनेजमेंट, ऑस्ट्रेलिया से इंजीनियरिंग...अब अलकायदा आतंकी
  • हमाम ब्रिटेन की बकिंघमशायर न्यू यूनिवर्सिटी के साथ तीन साल का डिस्टेंस-लर्निंग कोर्स पूरा किया व 2023 में एविएशन मैनेजमेंट में डिग्री हासिल की।
  • विश्वविद्यालय ने कहा कि अल हमामी ने स्कूल में कोई पायलट प्रशिक्षण नहीं लिया था। विश्वविद्यालय की वेबसाइट के अनुसार, इसके एविएशन मैनेजमेंट पाठ्यक्रम 'एविएशन उद्योग के बैकग्राउंड संचालन, रसद, सुरक्षा और प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करते हैं'।
  • बाद में उसने ऑस्ट्रेलिया के एक विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। इस्राइली प्रधानमंत्री कार्यालय और सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, अल हमामी कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा और ब्रेनवॉशिंग का शिकार था।
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