तुर्की के राष्ट्रपति द्वारा शुक्रवार को इस्तांबुल की प्रसिद्ध इमारत हागिया सोफिया को मस्जिद में तब्दील करने के फैसले पर संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक एजेंसी ने गहरा खेद जताया है। तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान ने इस बदलाव की घोषणा देश की एक अदालत द्वारा इस इमारत को संग्रहालय में बदलने के फैसले को गैरकानूनी करार देने के एक घंटे के भीतर कर दी।
यूनेस्को के महानिदेशक ऑड्रे अजोले ने कहा कि यह इमारत वास्तुकला की बेजोड़ कृति है और सदियों से यूरोप व एशिया के बीच वार्ता का अनूठा प्रमाण है। उन्होंने तुर्की के राष्ट्रपति के फैसले पर गहरा खेद जताते हुए कहा कि यह इमारत एक संग्रहालय के रूप में अपनी विरासत की सार्वभौमिक प्रकृति को दर्शाती है।
प्राचीन हागिया सोफिया की स्थापना करीब 1,500 साल पूर्व एक गिरजाघर के रूप में हुई थी और इसे विश्व में बीजान्टिन ईसाई वास्तुकला का सबसे अनुपम उदाहरण माना जाता है। ओटोमन साम्राज्य के बाद यह इमारत एक मस्जिद बन गई, लेकिन 1934 में इसे एक धर्मनिरपेक्ष संग्रहालय के बतौर नामित किया गया।
अजोले ने संयुक्त राष्ट्र में तुर्की के राजदूत के साथ इस मुद्दे पर अपनी गंभीर चिंता भी जताई। उधर, यूएन प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव यूनेस्को का समर्थन करते हैं।