अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की प्रेसीडेंट नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा पर चीन और अमेरिका एक-दूसरे के सामने आ गए हैं। चीन इस यात्रा के विरोध में लगातार अमेरिका को आंख दिखा रहा है। दोनों देशों के मध्य बढ़ते तनाव के बीच, ताइवान पर साइबर हमला हुआ है। यहां राष्ट्रपति कार्यालय की वेबसाइट साइबर हमले की जद में आई है। ताइवान के राष्ट्रपति कार्यालय की वेबसाइट ठप पड़ गई। उस पर सर्वर इरर का संदेश दिखने लगा। हालांकि कुछ देर बाद ही वेबसाइट वापस सामान्य़ रूप से काम करने लगी।
गौरतलब है कि अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी के मंगलवार रात तक ताइवान पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, उनके दौरे को लेकर चीन पहले ही अमेरिका को चेतावनी दे चुका है। चीन ने कहा है कि अगर पेलोसी ताइवान आती हैं तो अमेरिका इसके गंभीर परिणाम भुगतने को तैयार रहे। इसी बीच, चीन ने अपने युद्धक विमान ताइवान की समुद्री सीमा के नजदीक तैनात किए हैं। जिसके बाद प्रतिक्रिया करते हुए अमेरिकी नौसेना ने भी ताइवान में अपने चार युद्धपोतों को तैनात कर दिया है।
क्रेमलिन ने संयुक्त राज्य अमेरिका को चेतावनी दी
पेलोसी की यात्रा पर दोनों देशों के बीच बढ़ती तनातनी पर क्रेमलिन ने मंगलवार को संयुक्त राज्य अमेरिका को चेतावनी दी है। इसने कहा है कि अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी द्वारा ताइवान की अपेक्षित यात्रा इसे चीन के साथ टकराव के रास्ते पर ले जाएगी। क्रेमलिन ने यह भी कहा है कि पेलोसी की यात्रा क्षेत्र में तनाव को भड़काएगी।
वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुकाबिक, अमेरिका की प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी द्वारा ताइवान की संभावित यात्रा से पहले स्व-शासित द्वीप के लिए चेतावनी के रूप में चीन ने सोमवार से बिस्कुट और पेस्ट्री के 35 ताइवानी निर्यातकों से आयात को निलंबित कर दिया है।
फोन कॉल में जिनपिंग-बाइडन के बीच क्या हुई बात?
पिछले हफ्ते अमेरिका और चीनी राष्ट्रपति के बीच एक फोन कॉल में शी जिनपिंग ने बाइडन से कहा कि चीन राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा करेगा। जिनपिंग ने कहा कि जो लोग आग से खेलते हैं वे इससे नष्ट हो जाएंगे। इस बीच, बाइडन ने चीनी राष्ट्रपति से कहा कि ताइवान पर अमेरिकी नीति नहीं बदली है और वाशिंगटन यथास्थिति में एकतरफा बदलाव का विरोध करता है।