अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन (फाइल फोटो)
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पूर्ववर्ती ट्रंप प्रशासन द्वारा जारी परिपत्रों से विदेशी कामगारों के वीजा पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को लेकर बाइडन प्रशासन ने उन नीतिगत परिपत्रों को वापस ले लिया है।
बाइडन प्रशासन ने कहा है कि वह पूर्ववर्ती ट्रंप प्रशासन द्वारा जारी तीन नीतिगत परिपत्रों से विदेशी कामगारों के वीजा पर प्रतिकूल फैसलों या आपत्तियों को लेकर पुनर्विचार करेगा। इसमें एच-1बी वीजा भी शामिल है। तीनों नीतिगत परिपत्रों को वापस ले लिया गया है।
बाइडन प्रशासन के इस कदम से बड़ी संख्या में भारतीय आईटी पेशेवरों को राहत मिलेगी जो पूर्व में ट्रंप प्रशासन द्वारा जारी विभिन्न नीतियों के चलते गैर आव्रजन कार्य वीजा खासतौर एच-1बी वीजा पर मुश्किलों का सामना कर रहे थे। अमेरिकी नागरिक एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने घोषणा की है कि वह गैर आव्रजक कामगारों की याचिका फार्म आई-129 को दोबारा खोल सकती है अथवा तीन वापस लिए गए परिपत्रों पर आधारित प्रतिकूल फैसलों पर पुनर्विचार कर सकती है।
विशेषाधिकार इस्तेमाल की परिस्थितियां
यूएससीआईएस के मुताबिक, सामान्यत: वह याचिका को दोबारा खोलने के विशेषाधिकार का इस्तेमाल तब करती है जब फैसले के 30 दिन बाद अर्जी लगाई जाए। साथ ही यदि इसे वैध अनुरोध अवधि खत्म होने से पहले दाखिल किया जाए और फैसला एच-1बी वीजा पर वापस लिए गए तीन परिपत्रों के मामले में से किसी एक या उससे अधिक नीतियों पर आधारित हो, तब भी विशेषाधिकार का इस्तेमाल होता है।