अमेरिकी सीनेट में बहुमत के सचेतक डिक डर्बिन और सीनेट न्यायिक समिति के सदस्य चक ग्रैसली ने H-1B और L-1 वीजा कार्यक्रमों में खामियों को दूर करने के लिए एक द्विदलीय विधेयक पेश किया। न्यायपालिका पर अमेरिकी सीनेट समिति ने एक बयान में कहा, 'H-1B और L-1 वीजा सुधार अधिनियम' आव्रजन प्रणाली (इमिग्रेशन सिस्टम) में धोखाधड़ी और दुरुपयोग को कम करेगा और अमेरिकी श्रमिकों व वीजा धारकों के लिए सुरक्षा प्रदान करेगा। समिति ने कहा कि विदेशी श्रमिकों की भर्ती में ज्यादा पारदर्शिता की जरूरत होगी।
यह विधेयक ऐसे समय में पेश किया गया है जब प्रौद्योगिकी उद्योग ने हाल ही में हजारों अमेरिकी और अप्रवासी कर्मचारियों की छंटनी की है। बावजूद इसके हजारों नए H-1B वीजा दाखिल करने का सीजन चल रहा है। डर्बिन ने कहा, आउटसोर्सिंग कंपनियों ने वर्षों से अमेरिकी श्रमिकों को विस्थापित करने और उनके बदले विदेशी श्रमिकों को लाने के लिए कानूनी खामियों का इस्तेमाल किया है। विदेशी श्रमिकों को कम मजदूरी का भुगतान किया जाता है।
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उन्होंने कहा, इन कामों ने सभी श्रमिकों को आहत किया है और हमारे देश को दुनिया की आकर्षक प्रतिभाओं के लिए कम आकर्षक बना दिया है। हमारा कानून इन श्रमिकों की रक्षा करेगा और इनके साथ हो रहे दुर्व्यवहारों को खत्म करेगा। उन्होंने कहा, H-1B और L-1 वीजा कार्यक्रम अमेरिका के हाई स्किल वाले वर्कफोर्स में अंतर को पूरा करने के लिए बनाए गए थे, न कि इसे हटाने के लिए। दुर्भाग्य से कुछ कंपनियों ने अमेरिकी श्रमिकों को सस्ते श्रमिकों के साथ बदलने के लिए इन कार्यक्रमों का शोषण किया है, जो आखिरकार अमेरिकी श्रमिकों और विदेशी श्रमिकों को समान रूप से नुकसान पहुंचाता है।
उन्होंने कहा, हमारा विधेयक अमेरिकी श्रमिकों को प्राथमिकता देता है और यह सुनिश्चित करता है कि वीजा कार्यक्रम सभी श्रमिकों के लिए निष्पक्षता को बढ़ावा दे। न्यायपालिका पर अमेरिकी सीनेट समिति ने एक बयान में कहा कि डर्बिन और ग्रैसली ने पहली बार 2007 में कानून पेश किया था और वे H-1B और L-1 वीजा सुधार के लिए लंबे समय से वकालत कर रहे हैं।