गुयाना के सांसद विकास रामकिसून ने संसद में हिंदी में दिए गए एक जवाब से आलोचकों को चुप कर दिया। यह वाकया उस समय हुआ जब विपक्ष के एक सदस्य ने उनके हिंदी ज्ञान पर सवाल उठाया। गुयाना संसद में बहस के दौरान विपक्षी सदस्य ने विकास रामकिसून पर आरोप लगाया कि वे हिंदी नहीं समझते। इस पर रामकिसून ने स्पीकर से अनुमति लेकर हिंदी में जवाब देने का फैसला किया।
From Guyana Parliament:
After the Opposition questioned the Hindi-speaking ability of MP Vikash Ramkissoon, he responded in the language. He said, "Vishay woh tay karein, main bina kagaz dikhaye" pic.twitter.com/yxgS1sXWCZ
गुयाना में भारतीय विरासत का अहम स्थान
गुयाना में भारतीय मूल के लोगों की एक बड़ी संख्या है, जो औपनिवेशिक काल में गुयाना आए थे। यहां की संस्कृति में हिंदी और भारतीय परंपराओं का महत्वपूर्ण स्थान है, हालांकि अंग्रेज़ी यहां की आधिकारिक भाषा है। विकास रामकिसून का यह कदम भारतीय समुदाय के लिए गर्व का विषय बन गया है, क्योंकि वह अपनी सांस्कृतिक धरोहर को प्रमुखता दे रहे हैं।