न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Wed, 10 Jan 2024 08:35 PM IST
इक्वाडोर
- फोटो : Amar Ujala
दक्षिणी अमेरिकी देश इक्वाडोर में इन दिनों हालात खराब हैं। यहां जेलों पर अपराधियों ने नियंत्रण कर लिया है। कहीं पुलिस का अपहरण हो रहा है तो कहीं खुले आम बमबारी हो रही है। मंगलवार को यहां से बेहद डरावनी तस्वीरें सामने आईं, जहां बंदूकधारियों ने टेलीविजन के लाइव प्रसारण को रोक दिया। इस बीच हालात को देखते हुए राष्ट्रपति डेनियल नोबोआ ने देश में 'आंतरिक सशस्त्र संघर्ष' होने की बात कही है।
आइए जानते हैं कि आखिर इक्वाडोर में क्या हो रहा है? हिंसा की वजह क्या है? स्थिति से निपटने के लिए सरकार क्या कर रही है? आगे क्या हो सकता है?
इक्वाडोर
- फोटो : Social media
पहले जानते हैं इक्वाडोर कहां है, इसकी आबादी कितनी है?
यह दक्षिण अमेरिका में स्थित एक लोकतांत्रिक देश है। इसका नाम इक्वेटर यानी भूमध्य रेखा के आधार पर रखा गया है। भूमध्य रेखा इक्वाडोर को दो भागों में विभाजित करती है। इसकी राजधानी क्विटो और सबसे बड़ा शहर गुआयाकिल है। देश की कुल आबादी 1.78 करोड़ है।
नकाबपोश लोग एक टेलीविजन चैनल के सेट पर घुस गए
- फोटो : सोशल मीडिया
आखिर इक्वाडोर में क्या हो रहा है?
इक्वाडोर में इस समय अपराध अपने चरम पर है। कई महीनों से चल रही हिंसा के बीच मंगलवार को डरवाने दृश्य सामने आए। दरअसल, बंदूकों से लैस अपराधी देश के सबसे बड़े शहर गुआयाकिल में टीसी टेलीविजन के स्टूडियो में घुस गए। इस दौरान अपराधियों ने कर्मचारियों के साथ बदसलूकी की। 20 मिनट तक चली इस घटना से स्टूडियो में अफरा-तफरी मच गई जिसका लाइव दृश्य सोशल मीडिया पर दिखाई दिए।
अब पुलिस ने 13 अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। उधर दूसरी ओर सात पुलिस कर्मियों का भी अपहरण हो गया है और वहां कई तरह के विस्फोटक भी बरामद किए गए हैं।
इक्वाडोर
- फोटो : Social media
अभी हिंसा क्यों भड़की?
कुख्यात अपराधी एडोल्फो मैकियास के जेल से भागने के कारण देश में हाल में हिंसा देखने को मिल रही है। मैकियास लॉस चोनेरोस नाम के आपराधिक गिरोह का सरगना है, जो 34 साल की सजा काट रहा था। पुलिस ने कहा कि अधिकारी उसका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
इस बीच, सोमवार से शुरू होकर कम से कम छह जेलों में हिंसक घटनाएं हुईं। इस दौरान 150 से ज्यादा गार्ड और अन्य कर्मचारियों को कैदियों ने बंधक बना लिया। मध्य इक्वाडोर में रियोबाम्बा की एक जेल से 39 कैदी भाग गए, जिनमें से कुछ को दोबारा पकड़ लिया गया है।
मंगलवार तक हिंसा सड़कों पर फैल गई। देशभर में हुई घटनाओं में सात पुलिस अधिकारियों का अपहरण कर लिया गया और कई शहरों में पांच विस्फोटों की पुष्टि हुई। इस बीच, गिरोह ने एक बयान में कहा है कि रात 11:00 बजे के बाद सड़कों पर पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को मार दिया जाएगा। अपराधियों के धमकी भरे बयान से नागरिकों और सुरक्षा बलों के लिए खतरा भी बढ़ गया है।
इक्वाडोर
- फोटो : Social media
देश में हो रही हिंसा की वजह क्या है?
कोरोनो महामारी के बाद से इक्वाडोर में सुरक्षा व्यवस्था बदतर हो गई है। सरकार ने कहा है कि 2023 में देशभर में हिंसा से होने वाली मौतें बढ़कर 8,008 हो गईं, जो 2022 के 4,500 के आंकड़े से लगभग दोगुनी हैं। खराब सुरक्षा व्यवस्था ने देश की अर्थव्यवस्था को भी बुरी तरह प्रभावित किया है।
इससे पहले पिछले साल इक्वाडोर के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भी काफी हिंसा देखने को मिली थी। इस दौरान एक भ्रष्टाचार विरोधी उम्मीदवार की हत्या हो गई थी जिसके कारण चुनाव भी बाधित हो गया था।
देश में बिगड़े हालात के लिए सरकार ने कोकीन की तस्करी करने वाले गिरोहों को जिम्मेदार ठहराया है। इन गिरोहों ने महाद्वीप के कई हिस्सों को अस्थिर कर दिया है। शासन की कमजोरी का फायदा उठाते हुए अपराधियों ने इक्वाडोर की जेलों को पूरी तरह से कब्जा कर लिया है। गिरोहों के चलते जेल हिंसा आम हो गई है और ऐसी घटनाओं में सैकड़ों मौतें हुई हैं।
तटीय शहर बना तस्करी का केंद्र
तटीय शहर गुआयाकिल देश का सबसे खतरनाक माना जाता है। गुआयाकिल के बंदरगाह नशीली दवाओं की तस्करी का केंद्र बन चुके हैं। देश के वर्तमान राष्ट्रपति नोबोआ ने देश की सुरक्षा के लिए 'फीनिक्स योजना' का प्रचार करते हुए अपना चुनाव जीता था। नोबोआ के वादे में एक नई खुफिया इकाई, सुरक्षा बलों के लिए सामरिक हथियार, नई उच्च-सुरक्षा जेलें और बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर मजबूत सुरक्षा शामिल थी।
इक्वाडोर
- फोटो : Social media
सरकार क्या कर रही है?
राष्ट्रपति नोबोआ ने मैकियास के भागने के बाद गिरोहों से मुकाबला करने की बात कही है। देश की खराब सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए राष्ट्रपति ने सैनिकों को कड़ी कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं। इससे पहले सोमवार को राष्ट्रपति ने 60 दिनों के लिए राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति का आदेश भी दिया था।
नोबोआ ने कहा है कि वह आतंकवादियों के साथ बातचीत नहीं करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा हिंसा जेल में बंद गिरोह के सरगनाओं के लिए एक नई उच्च सुरक्षा जेल बनाने के उनके सरकार के एलान के बाद हो रही है।