अमेरिकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना के लड़ाकू विमानों ने रविवार की दरमियानी रात इराक सीमा के पास देश के पूर्वी हिस्से में बम बरसाए जिसमें सरकारी सेना से संबद्ध करीब 40 विदेशी लड़ाकों की मौत हो गई। ब्रिटेन के मानवाधिकार संगठन ‘सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स’ ने सोमवार को यह जानकारी दी।
संगठन ने बताया कि यह बमबारी सीरियाई सेना से संबद्ध बलों के ठिकानों पर की गई बेहद घातक हमलों में से एक थी। ‘सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स’ के प्रमुख रामी अब्देल रहमान ने बताया कि सीरिया-ईराक सीमा के समीप स्थित अल-हरी में हुए हमले में शासन के वफादार 38 गैर सीरियाई विदेशी लड़ाकों की मौत हुई। वहीं सरकारी संवाद समिति ने सैन्य सूत्रों के हवाले से बताया कि हमारे सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी गठबंधन के लड़ाकू विमानों ने हमले किए जिसमें कई लोगों की मौत हुई जबकि कई अन्य घायल हो गए। हालांकि समिति ने मृतकों और घायलों का सटीक आंकड़ा नहीं बताया।
उल्लेखनीय है कि आईएस के दबदबे वाले सीरिया के पूर्वी देर एजोर प्रांत में अमेरिकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना और रूस समर्थित सरकारी बलों द्वारा आतंकियों के खिलाफ अलग अलग ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। अल-हरी क्षेत्र भी यहीं स्थित है। इस तरह की घटनाओं को छोड़ दें तो अक्सर दोनों पक्ष ऑपरेशनों के दौरान आपसी टकराव से बचते रहे हैं। फिलहाल पेंटागन ने हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है।