पिछले वर्षो में अफगानिस्तान में चले गृहयुद्ध और आतंकवाद के चलते हजारों अफगानी नागरिक देश छोड़कर चले गए थे जिनकी घर वापसी होना शुरू हो गई है। नए साल के पहले हफ्ते में ही ईरान व पाकिस्तान से 9400 अफगानी लोग अपने वतन को लौटे हैं, लेकिन नए लोगों के आने से अफगानिस्तान पर दबाव बढ़ने से संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई है।
संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी इंटरनेशनल ऑर्गेनाजइजेशन फॉर माइग्रेशन के मुताबिक युद्ध पीड़ित अफगानिस्तान पहले ही संसाधनों की कमी से जूझ रहा है, ऐसे में वतन को वापसी कर रहे लोगों के कारण नई दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं। इस महीने वतन लौटने वालों में अधिकांश ऐसे युवा हैं जिन्हें ईरान से निर्वासित किया गया है।
ये लोग यूरोपीय देशों में पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। पाकिस्तान ने भी स्थानीय लोगों के बीच प्रवासियों को लेकर बढ़ रहे गुस्से को देखते हुए देश में अवैध रूप से रह रहे अफगानों पर उनके देश लौटने का दबाव बढ़ा दिया है।