पाकिस्तान से लगी ईरान सीमा पर मंगलवार को तड़के सुबह ईरानी सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस कार्रवाई में तीन आतंकी मार गिराए गए। वहीं ईरानी सेना के भी तीन जवानों की मौत हो गई।
ईरान के सरकारी न्यूज एजेंसी आईआरएनए ने घटना की जानकारी दी। स्थानीय समयानुसार, मंगलवार को तड़के 1:30 बजे पाकिस्तान के एक आतंकी समूह ने सीमाई इलाके मिरजावेह की पुलिस चौकी पर हमला कर दिया। इस मुठभेड़ में तीन आतंकी मार गिराए गए।
वहीं एक पुलिस अधिकारी और रिवाल्यूशनरी गॉर्ड्स के दो सदस्यों की भी मौत हो गई। पूर्व में ईरान आतंकी समूह जैश अल-अद्ल के समर्थन के लिए पाकिस्तान की आलोचना कर चुका है। ईरान जैश अल-अद्ल पर आतंकी समूह अल कायदा से संबंध रखने और एक प्रांत सिस्तन-बलूचिस्तान में कई हमले करने का आरोप लगाता रहा है।
बता दें कि 90 फीसदी शिया और दो तिहाई पारसी समुदाय वाले ईरान के इस अशांत प्रांत में सुन्नी और बलूच जातीय के लोग रहते हैं जो कि बेहद गरीब हैं।
लंबे समय तक उग्रवाद से प्रभावित रहा है प्रांत :
साल 2005 से 2010 के बीच सिस्तन-बलूचिस्तान प्रांत लंबे समय तक उग्रवाद से प्रभावित रहा। इस उग्रवाद के लिए बलूची-सुन्नी जिहादिस्ट समूह ‘जुंदल्लाह’ जिम्मेदार था। इसका मतलब होता है ‘अल्लाह के सैनिक’। हालांकि साल 2010 में इसके सरगना की मौत के बाद हिंसा पर काफी हद तक काबू पा लिया गया।