फलस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि पूर्वी यरुशलम और कब्जे वाले पश्चिमी किनारे पर इसराइली सुरक्षाबलों के साथ झड़पों के दौरान तीन फलस्तीनी मारे गए हैं। हिंसा में सैकड़ों लोग घायल भी हुए हैं। फलस्तीनी धड़े पवित्र स्थल पर सुरक्षा के नए इंतजामों का विरोध कर रहे हैं। तनाव तब से जारी है जब बीते शुक्रवार को तीन इसराइली अरब बंदूकधारियों ने दो इसराइली पुलिस अधिकारियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई में हमलावर भी मारे गए थे। हमले की ये घटना पवित्र स्थल के नजदीक हुई थी जिसे मुसलमान हरम अल शरीफ जबकि यहूदी टेंपल माउंट कहते हैं।
घटना के बाद शुक्रवार की सुबह पवित्र स्थल के आसपास हजारों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। लेकिन पुलिस का कहना है कि फलस्तीनियों ने उन पर पथराव किया जिसके जवाब में उन्होंने आंसू गैस के गोले दागे। फलस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, हिंसा के दौरान गोली लगने से 17 साल का एक फलस्तीनी मारा गया है। पूर्वी यरुशलम में हुई झड़पों में गंभीर रूप से घायल हुए एक अन्य व्यक्ति ने भी दम तोड़ दिया है।
फलस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, तीसरा व्यक्ति पश्चिमी किनारे पर हुई झड़पों के दौरान गोली लगने से मारा गया है। रमल्ला और यरुशलम के बीच चेक-पोस्ट पर भी झड़पें हुई हैं। इसराइली पुलिस के एक प्रवक्ता के मुताबिक झड़पों में चार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पूर्वी यरुशलम में जहां झड़पें हुई हैं, वो इलाका साल 1967 के मिडिल ईस्ट वॉर के समय से ही इसराइल के कब्जे में है।