यमन में भारी हिंसा के बीच तबाही का मंजर है। जिसका शिकार हाल ही में 7 साल की अमाल हुसैन हुई है। बच्ची की तस्वीर पूरे एशिया में वायरल हो रही है, इस तस्वीर को पुलित्जर पुरस्कार विजेता फोटोग्राफर टेलर हिक्स ने लिया है। अमाल की ये तस्वीर न्यूयॉर्क टाइम्स में छप चुकी है। अखबार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि यमन में हालात बेहद खराब हो चुके हैं और लाखों लोग भुखमरी का सामना कर रहे हैं। लोगों की जिंदगी बेहद बदतर हो चुकी है।
कई मामले आते हैं डॉक्टरों के पास
यमन में भुखमरी के कारण हालात बेहद खराब होते जा रहे हैं। मामले पर बात करते हुए यमन की डॉक्टर मकिया मेहदी ने कहा कि उनके पास अमाल जैसे कई केस आते हैं। अमाल का इलाज भी उसकी मौत से पहले मेहदी ने ही किया था।
पूरी दुनिया का ध्यान खींचा इस तस्वीर ने
हिक्स की इस तस्वीर ने पूरी दुनिया का ध्यान यमन की ओर खींचा। हिक्स ने अपनी तस्वीर में दिखाया कि यूनीसेफ के मोबाइल क्लिनिक (जो कि शरणार्थी स्थल पर मौजूद था) में एक कमजोर बच्ची बेड पर लेटी है। उन्होंने इस फोटो के बारे में बात करते हुए बताया कि उनके लिए ये तस्वीर खींचना भावनात्मक रूप से काफी कठिन था। यह एक तरह से दिल को तोड़ देने वाला था। उनकी इस तस्वीर के बाद संयुक्त राष्ट्र ने इस स्थिति को एक गंभीर संकट बताया।
20 लाख महिलाओं का जीवन भी संकट में
खाने की कमी के कारण यमन में कई तरह की बीमारी बढ़ रही हैं। लोग दूसरी जगहों पर रहने जा रहे हैं। कुपोषण की समस्या चरम पर है। जानकारी के मुताबिक यहां 20 लाख महिलाएं ऐसी हैं जो भूख के कारण मौत के दरवाजे पर खड़ी हैं। उनका जीवन संकट में है। वहीं करीब 11 लाख महिलाएं ऐसी हैं जिन्हें एक वक्त का खाना भी नहीं मिल पा रहा है।
बता दें अरब देशों में यमन सबसे अधिक गरीब है। यह देश सितंबर 2014 से ही युद्ध का सामना कर रहा है। हाल ही में एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि यमन एक भयंकर अकाल की चपेट में आ चुका है। यह अकाल पिछले 100 सालों का सबसे भयंकर अकाल होगा।
खाने के दाम बेहद अधिक
यमन में बीते साल में खाने के दाम में तीन तिहाई की बढ़ोतरी हो चुकी है। मुद्रा 1000 रियाल प्रति डॉलर पर है। यहां हौथी विद्रोहियों और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच युद्ध के चलते देश में हालात दिनोंदिन बिगड़ते जा रहे हैं। हाल ही में अमेरिका और ब्रिटेन ने भी यमन में संघर्ष पर विराम लगने की मांग की है।