तेल की आमदनी में कमी से जूझ रहे ऊर्जा के धनी खाड़ी देशों ने अगले साल से मूल्य संवर्धित कर (वैट) लागू करने का फैसला किया है।
इन देशों में लंबे समय से कर मुक्त व्यवस्था चल रही थी। कुछ लोगों ने इस क्षेत्र में वैट लागू करने के नाटकीय बदलाव की तारीफ की है, लेकिन इससे महंगाई बढ़ने की भी संभावना है। इससे वहां के नागरिक और कम आमदनी वाले कामगार प्रभावित होंगे।
संयुक्त अरब अमीरात ने वस्तु एवं सेवाओं पर 1 जनवरी से लगने वाले वैट से पहले ही रविवार को तंबाकू की कीमत दोगुनी कर दी। वहीं सॉफ्ट ड्रिंक की कीमत 50 फीसदी बढ़ा दी है। छह खाड़ी सहयोग परिषद राज्यों में से एक यूएई ने अपनी अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लए पांच फीसदी वैट लागू करने पर सहमति दे दी है।
यूएई और सऊदी अरब 1 जनवरी, 2018 से वैट लागू करेंगे, वहीं खाड़ी सहयोग परिषद के राज्य बहरीन, कुवैत, ओमान और कतर वर्ष के दौरान यह कर लागू करेंगे। दुनिया के सबसे बड़े तेल और प्राकृतिक गैस निर्यातक खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था 2014 में प्रचुर मात्रा में आपूर्ति के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई थी।