सऊदी अरब और लेबनान के बीच चल रहा विवाद गहराता ही जा रहा है। इस बीच सऊदी अरब ने लेबनान में रह रहे अपने सभी नागरिकों को जल्द से जल्द अपने देश वापस लौटने को कहा है। सऊदी सरकार ने अपील करते हुए कहा है कि कोई भी नागरिक वहां न जाए।
इसके अलावा कुवैत ने भी अपने नागरिकों को जल्द से जल्द लेबनान छोड़ने को कहा है। दोनों देशों के बीच यह स्थिति तब पैदा हुई जब लेबनान के प्रधानमंत्री साद हरीरी ने अपना इस्तीफा यह कहते हुए दिया कि उनकी जान को खतरा है।
हालांकि साद पर यह आरोप भी लगते रहे हैं कि वो सऊदी समर्थक हैं। ऐसा इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने अपना इस्तीफा सऊदी अरब से ही भेजा है। वहीं सऊदी ने ईरान समर्थक लेबनानी आतंकवादी संगठन हिज्बुल्ला पर यमन से मिसाइल हमला करने का आरोप लगाया है।
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साद ने अपना इस्तीफा सौंपते हुए कहा कि लेबनान को आतंकी संगठन हिज्बुल्ला संचालित कर रहा है। वहीं बहुत लोगों का मानना है कि उन्होंने सऊदी अरब के दवाब में अपना इस्तीफा दिया है।
इस बीच खबर ये भी है कि दोनों देश के बीच पैदा हुए नए युद्ग की स्थिति पर काबू करने के लिए फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों अचानक सऊदी अरब के दौरे पर जा रहे हैं। माना जा रहा है कि बातचीत के मुद्दों में लेबनान का संकट भी शामिल होगा।