तुर्की में स्थित सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास में पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या कर दी गई थी। पत्रकार की हत्या के बाद से सऊदी अरब को पूरे विश्व से आलोचना का शिकार होना पड़ रहा है। पत्रकार की हत्या के पीछे सौद अल-कहतानी का हाथ है। उसने ही स्काइप के जरिए खशोगी की हत्या के निर्देश दिए थे। वह सऊदी के क्राउन प्रिंस का सोशल मीडिया संभालता है। वह अपने देश के हजारों प्रतिष्ठित लोगों की गिरफ्तारी का मास्टरमाइंड है। केवल इतना ही नहीं उसने ही लेबनान के प्रधानमंत्री को पकड़वाया था।
सौद अल-कहतानी
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का शीर्ष सहयोगी है। शनिवार को सऊदी के राजा सलमान ने कहतानी और चार अन्य अधिकारियों को हत्या के आरोप में बर्खास्त कर दिया था। लेकिन पिछले तीन सालों में कहतानी का क्राउन प्रिंस पर काफी प्रभाव रहा है। इसी वजह से सऊदी के अधिकारियों को हत्या के मास्टरमाइंड के तौर पर कहतानी को चित्रित करना मुश्किल होगा। इसमें सऊदी के प्रिंस की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं।
शाही दरबार से जुड़े सूत्रों ने कहा, 'यह घटनाक्रम सलमान को नहीं फंसाएगा लेकिन इससे उनकी छवि पर असर पड़ेगा जिसे ठीक होने में काफी लंबा समय लग जाएगा। हालांकि राजा उन्हें बचा रहे हैं।' कहतानी ने एक बार खुद कहा था कि वह अपने बॉस की मंजूरी के बिना कुछ नहीं करता है। कहतानी ने पिछली गर्मियों में ट्वीट कर कहा था, 'क्या आपको लगता है कि मैं मार्गदर्शन के बिना निर्णय लेता हूं? मैं एक कर्मचारी हूं और अपने राजा और क्राउन प्रिंस के आदेशों का वफादार निष्पादक हूं।'
सऊदी के एक अधिकारी ने शनिवार को कहा, 'प्रिंस मोहम्मद को खशोगी की मौत वाले ऑपरेशन की कोई जानकारी नहीं थी और उन्होंने किसी के अपहरण और हत्या का आदेश नहीं दिया था।' पिछले तीन हफ्तों से
पत्रकार की हत्या को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। उसी तरह सऊदी ने भी खशोगी की हत्या को लेकर अपना स्वर बदला है। पहले हत्या से इंकार किया, इसके बाद कहा कि दूतावास के अंदर हुए झगड़े में उनकी मौत हुई और अब उसकी हत्या की बात को कबूल ली है।