कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा पर बहरीन पहुंचे राहुल गांधी ने भारतीय मूल के लोगों के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने यहां भारतीय लोगों को संबोधित करते हुए मौजूद केंद्र सरकार को रोजगार और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर घेरा है। राहुल ने कहा कि रोजगार के अवसर 8 साल के निचले स्तर पर हैं। गरीबी हटाने, रोजगार देने और शिक्षा व्यवस्था सुधारने की बजाए नफरत फैलाने और बांटने का काम हो रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि मैं यहां आप लोगों को यह बताने आया हूं कि आप हमारे लिए क्या महत्व रखते हैं, यह बताने कि घर में बड़ा खतरा है और यह बताने कि आप भी समाधान का हिस्सा हैं।
इससे पहले यहां उन्होंने बहरीन के प्रिंस शेख सलमान बिन हमद अल खलीफा से मुलाकात की। इस दौरान राहुल ने
नेहरू की कुछ किताबें भी प्रिंस को भेंट की। ग्लोबल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पीपल ऑफ इंडियान ऑरिजन के सदस्यों ने राहुल का एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया।
पांच दिन बाद खुलेगा बहरीन का कर्नाटक कनेक्शन
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की बहरीन यात्रा और उसका कर्नाटक कनेक्शन क्या है, इसका खुलासा संभवत: पांच दिन बाद हो। राहुल ने 13 जनवरी को कर्नाटक कांग्रेस के नेताओं को बैठक के लिए दिल्ली बुलाया है। वह विधानसभा चुनाव की भावी रणनीति पर चर्चा करेंगे। कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व कर्नाटक के लिए रूपरेखा बनाने में जुटा है। राहुल के बहरीन दौरे में पूर्व सांसद और सचिव मधु यक्षी गौड़ा भी साथ हैं।
गुजरात की तरह ही कांग्रेस कर्नाटक में भी उन जमीनों विषयों और कार्यक्रमों पर फोकस करना चाहती है जिसका आम जनता से सीधा जुड़ाव है। चूंकि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है लिहाजा पार्टी हिमाचल और उत्तराखंड से सबक लेकर खामियों को अभी से दूर करने में जुट गई है। पार्टी बहरीन में कर्नाटक से जुड़े लोगों से बातचीत के बाद राज्य के नेताओं के साथ बातचीत कर रोड मैप तैयार करना चाहते हैं।
राहुल ने कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस से भी चुनावी प्लान मांगा है। वह इस महीने के आखिर में कर्नाटक के चुनाव अभियान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। 20 जनवरी के आसपास कांग्रेस अपना चुनावी प्रचार अभियान शुरू कर सकती है। कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने पिछले दिनों कांग्रेस विधायकों के साथ सभी विधानसभाओं को दौरा कर जनसंपर्क अभियान किया है।